Tuesday, November 28, 2023
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जैन मुनि ने विधायक से कहा लिखित में दो…मंदिर नहीं टूटेगा…

विधायक ने कहा ट्रस्ट स्वयं हटा ले मंदिर का हिस्सा

जैन मुनि ने विधायक से कहा लिखित में दो…मंदिर नहीं टूटेगा…

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:केडी गेट रोड चौड़ीकरण की सीमा में आ रहे साढ़े चार सौ साल से ज्यादा पुराने श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर को शिफ्ट करने के लिए विधायक पारस जैन मैदान में कूद पड़े हैं। उन्होंने मुनि श्री सुप्रभ सागर और प्रणत सागर महाराज से बात की। जैन मुनि ने कहा है कि निगम की जेसीबी से मंदिर धंस जाएगा, इसलिए निगम प्रशासन लिखित में आश्वासन दे कि जेसीबी चली तो टूटेगा नहीं। विधायक जैन ने कहा है कि ट्रस्ट स्वयं अपने हाथ से अपना हिस्सा हटा ले।

केडी गेट से इमली तिराहा तक एक दर्जन धर्म स्थल हैं, जिनको शिफ्ट करना पड़ेगा या कुछ हिस्सा तोडऩा पड़ेगा। निगम प्रशासन ने इसकी तैयारी कर ली है, लेकिन नयापुरा क्षेत्र स्थित श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर को लेकर समाजजनों के साथ जैन मुनियों के आक्रोश ने निगम प्रशासन के सामने मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। मामले को सुलझाने के लिए पूर्व मंत्री और उज्जैन उत्तर के विधायक पारस जैन ने मध्यस्थता शुरू कर दी है।

शनिवार को उन्होंने ऋषिनगर में जैन मुनियों से चर्चा की। दूसरे दौर की चर्चा होना अभी बाकी है। जैन मुनियों ने विधायक जैन से दो टूक कहा है कि निगम की जेसीबी चलने से मंदिर धंस सकता है, क्योंकि यह 457 साल पुराना होने का दावा किया गया है। उन्होंने लिखित में आश्वासन मांगा है। विधायक जैन ने कहा है कि मंदिर की दीवार को छेड़ा नहीं जाएगा। रोड के पास जो चबूतरा बना है उसे हटाना है। नगर निगम द्वार मंदिर ट्रस्ट को नोटिस जारी करने के बाद से जैन समाज विरोध में उतर आया है। समाज का कहना है, मंदिर 457 वर्ष पुराना है।

चौड़ीकरण कार्य से मंदिर पूरा ढह जाने का खतरा है। समाज मंदिर बचाने को लेकर 4 जुलाई को टॉवर पर मौन प्रदर्शन करने की भी घोषणा कर चुका है। कहा जा रहा है कि प्रशासन की ओर से एडीएम अनुकूल जैन ने भी इसकी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी है। हालांकि प्रशासन अभी तक चौड़ीकरण से दूर था। अचानक प्रशासन की इस मामले में एंट्री से भी कई चर्चाएं हैं। निगम के नोटिस से मंदिर का करीब 20 फीट हिस्सा आ रहा है। मंदिर का इतना बड़ा हिस्सा तोड़े जाने से मंदिर ट्रस्ट के साथ समाजजन नाराज हैं। मंदिर ट्रस्टी देवेंद्र पाटनी का कहना है, निगम ने जिस तरह नोटिस दिया है, उससे पूरा मंदिर प्रभावित होगा। यह मंदिर 457 वर्ष प्राचीन है। हालांकि विधायक जैन का कहना है कि समाज ने पहले चौड़ीकरण में सहयोग करने की बात कही थी।

लालबाई फूलबाई मंदिर नहीं हटेंगे

इमली तिराहा के पास लालबाई फूलबाई के प्राचीन मंदिर भी रोड के दोनों तरफ हैं। निगम प्रशासन ने इनको शिफ्ट नहीं करने का निर्णय लिया है।

दोनों मंदिरों को यथावत रखते हुए चौराहे का सौंदर्यीकरण किया जाएगा। महापौर मुकेश टटवाल ने कहा इसकी योजना तैयार है। मंदिरों को यथावत रखकर चौराहे को सुंदर बनाएंगे। उन्होंने कहा गणेश मंदिर को शिफ्ट किया जाएगा। उन्होंने कहा सभी समाजजनों और रहवासियों को चौड़ीकरण का सहयोग करना चाहिए। इससे क्षेत्र का ही विकास होगा। आम लोगों ने भी अपने मकान अपने हाथों से हटाए है।

चर्चा हुई है

श्री पाश्र्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर का अगला हिस्सा हटाने के लिए मुनि महाराज से चर्चा हुई है। उन्होंने लिखित में देने को कहा है। एक दौर की बात और होना है। मैंने सुझाव दिया है कि ट्रस्ट स्वयं अपने हाथों से हटा ले।
-पारस जैन, विधायक

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