तैयार हो रहे 800 आपदा मित्र, सिंहस्थ में होंगे मददगार

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ और आए दिन होने वाले मेले, नहान व पर्वों के दौरान शहर मेें सुरक्षा व्यवस्था में सहयोग के लिए जिले में 800 आपदा मित्र तैयार किए जा रहे हैं। आपदा मित्रों को विशेष ट्रेनिंग देकर सुरक्षा किट भी दी जाएगी। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत आपदा मित्रों की दूसरे चरण की ट्रेनिंग मंगलवार से शुरू हुई जिसमें 165आपदा मित्रों को तैयार किया जाएगा।
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सिंहस्थ को सुरक्षित और सुव्यवस्थित बनाने की दिशा में जिला प्रशासन ने युवाओं की भागीदारी बढ़ाना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण और गृह विभाग के निर्देशानुसार, जिला होमगार्ड कार्यालय में युवा आपदा मित्र योजना के अंतर्गत द्वितीय सत्र का सात दिवसीय प्रशिक्षण प्रारंभ हुआ। इस विशेष प्रशिक्षण शिविर में राष्ट्रीय सेवा योजना (रासेयो) और युवा भारत के 165 स्वयंसेवकों को होमगार्ड लाइन में प्रशिक्षित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ कलेक्टर रौशन कुमार सिंह ने किया।
प्रशिक्षणार्थियों को संबोधित करते हुए कलेक्टर ने कहा कि सिंहस्थ में कानून व्यवस्था और घाट प्रबंधन में इन प्रशिक्षित आपदा मित्रों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी। उन्होंने युवाओं को प्रेरित करते हुए कहा कि यदि आपके सामने कोई सड़क दुर्घटना होती है, तो एक सच्चे मित्र की भांति घायल व्यक्ति को तत्काल अस्पताल पहुंचाने में मदद करें। कलेक्टर ने इस बात पर प्रसन्नता व्यक्त की कि आपदा प्रबंधन के इस कठिन प्रशिक्षण में महिला सदस्य भी बढ़-चढ़कर हिस्सा ले रही हैं, जो समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश है।
होमगार्ड और एसडीईआरएफ के सेवा कार्यों की सराहना
कलेक्टर ने रामघाट पर होमगार्ड और एसडीईआरएफ द्वारा किए जा रहे बचाव कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं की जान बचाना मानवता की सबसे बड़ी सेवा है। इसके लिए होमगार्ड विभाग बधाई का पात्र है। कलेक्टर ने प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे युवाओं को आपदा प्रबंधन किट भी प्रदान की, ताकि वे फील्ड में मुस्तैदी से कार्य कर सकें।
बाढ़, भूकंप और भगदड़ जैसी चुनौतियों से निपटने का मिलेगा प्रशिक्षण
डिस्ट्रिक्ट कमाण्डेन्ट होमगार्ड संतोष कुमार जाट ने बताया कि केंद्र सरकार की इस योजना के तहत कुल 800 युवा आपदा मित्र वॉलेन्टियर्स तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है। सात दिनों के इस गहन प्रशिक्षण में युवाओं को बाढ़, भूकंप, भू-स्खलन, आगजनी और भगदड़ जैसी मानवजनित व प्राकृतिक आपदाओं को रोकने और उनसे निपटने के गुर सिखाए जा रहे हैं।









