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दिन में सूरज तमतमाया, रात को भी तापमान में उछाल

पश्चिम विक्षोभ के एक्टिव होने से मौसम में बदलाव की उम्मीद

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पारा: अधिकतम 42.5 और न्यूनतम 28.7 डिसे पर पहुंचा

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:गर्मी अपने तीखे तेवर दिखा रही है। दिन में गर्म हवाओं के थपेड़े और रात को भी गर्मी ने खास बैचेन कर रखा। दरअसल न्यूनतम तापमान बड़ी उछाल के साथ 28.9 डिसे दर्ज किया गया। शहर में मंगलवार को भीषण गर्मी रही। इस दौरान तापमान 42.5 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड दर्ज किया गया। सीजन में यह तीसरा मौका है जब तापमान ४२ डिग्री पार हो गया है। तेज रफ्तार से गर्म हवाओं के थपेड़ों ने लोगों को हलाकान कर दिया।

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दिन में सूरज के तप तपाने का असर रात को भी रहा। पूरी रात ऐसी गर्माहट रही कि न्यूनतम तापमान 28.9 डिसे पर पहुंच गया। हवा चलने, बादलों की आवाजाही के बाद भी मंगलवार को धूप के तेवर तीखे रहे। इस वजह से अधिकतम तापमान सीजन में पहली बार 42.5 डिग्री पर पहुंचा गया। मंगलवार को अधिकतम तापमान 42.5 डिग्री और मंगलवार-बुधवार को रात का तापमान 28.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था। दरअसल इस बार मई के पहले हफ्ते में गर्मी के तेवर काफी तीखे हैं। शुरुआती 6 दिनों में तीन दिन ऐसे रहे जब दिन का तापमान 39 डिग्री से ज्यादा रहा। रात के तापमान ने भी एक बार चौंकाया है। तेज रफ्तार से गर्म हवा से लोग परेशान हो गए। गर्मी के तेवर को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने लू से बचने के लिए एडवाइजरी जारी की है।

आगे का मौसम

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मौसम वैज्ञानियों के मुताबिक अभी एक वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव है। इसके साथ ही दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन और ट्रफ लाइन भी है। इन सभी के चलते बादल भी छा रहे हैं। मध्य प्रदेश में तेज गर्मी रहेगी। कुछ जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की बारिश और तेज हवा भी चल सकती है।

लू से बचाव के लिए एडवाइजरी

स्वास्थ्य विभाग द्वारा लू से बचाव के लिए एडवाइजरी जारी की गई है। साथ ही जिला अस्पताल से लेकर उप स्वास्थ्य केंद्रों तक लू की स्थिति में अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं।

घातक हो सकती है लू

लू के साथ बुखार तेज होने पर किडनी काम करना बंद कर सकती है। अगर तुरंत उपचार न किया जाए तो व्यक्ति की मृत्यु भी हो सकती है। इन लक्षणों की जल्द पहचान करके इलाज किया जा सकता है। तेज बुखार के साथ मुंह का सूखना, चक्कर और उल्टी आना, कमजोरी के साथ शरीर में दर्द होना, शरीर का तापमान अधिक होने के बावजूद पसीने का न आना, सिर में भारीपन, ज्यादा प्यास लगना, यूरिन कम आना, भूख कम लगना, बेहोश होना आदि लू लगने के लक्षण हैं। इन लक्षणों की पहचान जल्द से जल्द किया जाना जरूरी है ताकि उपचार शुरू किया जा सकें।

डिहाइड्रेशन की स्थिति से बचें

तेज धूप और गर्मी में ज्यादा देर तक रहने के कारण शरीर में पानी और नमक की कमी हो जाती है। इससे बचाव के लिए जरूरी है कि बहुत अधिक समय तक धूप के सीधे संपर्क में न रहे। तेज गर्मी होने पर अधिक मात्रा में पानी पीना, सिर और कानों को कपड़े से अच्छी तरह से ढंकना, हल्के सूती वस्त्र पहनना, धूप में चश्मा, छाता, टोपी एवं जूते पहनना जरूरी है।

पसीना अधिक आने की स्थिति में ओआरएस घोल, लस्सी, मठ्ठा एवं फलों का रस पीना चाहिए। चक्कर आने पर छायादार स्थान पर रुक कर आराम करना, ठंडा पानी या फलों का रस, लस्सी आदि का सेवन किया जाना चाहिए। उल्टी, सिर दर्द, तेज बुखार की स्थिति होने पर नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में सलाह लेनी चाहिए।

लू लगने पर प्रारंभिक तौर पर व्यक्ति को पंखे के नीचे हवा में लेटकर आराम करवाना चाहिए। बुखार होने पर सिर पर ठंडे पानी की पट्टी लगानी चाहिए। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का गर्मी के मौसम में विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।

लू लगने पर व्यक्ति शॉक में चला जाता है। लू लगने पर सबसे पहले मरीज को पानी पिलाकर शरीर के तापमान को कम करने के उपाय किए जाने चाहिए। शरीर में पानी की कमी न हो इसका विशेष ध्यान रखना चाहिए। सामान्य तापमान के पानी में कपड़े को भिगोकर शरीर पर मलना चाहिए। मरीज को जल्द से जल्द अस्पताल पहुंचाना जरूरी है।

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