Friday, May 27, 2022
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देशमुख अस्पताल के डायरेक्टर और डॉक्टर की लापरवाही से हुई थी वकील पुत्र की मौत

उज्जैन : 21 अप्रैल को हुई मरीज की मौत का मामला, सीएमएचओ की पैनल ने सौंपी रिपोर्ट…

देशमुख अस्पताल के डायरेक्टर और डॉक्टर की लापरवाही से हुई थी वकील पुत्र की मौत

उज्जैन।नानाखेड़ा स्थित देशमुख हास्पिटल एण्ड रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर और डॉक्टर की लापरवाही से कोरोना के दौरान वकील के पुत्र की मौत हो गई। उक्त लोगों ने युवक का होम्योपैथी पद्धति से उपचार किया था। सीएमएचओ द्वारा गठित डॉक्टरों की पैनल और पुलिस की जांच की इसका खुलासा हुआ जिसके बाद नीलगंगा पुलिस ने अस्पताल डायरेक्टर श्रीपद देशमुख और व डॉ. सुरेश शर्मा के खिलाफ धारा 304 ए के तहत केस दर्ज किया है।

यह था मामला….महेन्द्र जैन पिता अभय जैन 62 वर्ष निवासी नजरअली मार्ग के पुत्र देवेन्द्र जैन को 17 अप्रैल को उपचार के लिये परिजनों ने देशमुख अस्पताल एण्ड रिसर्च सेंटर शास्त्री मार्ग नानाखेड़ा में भर्ती कराया था। यहां डॉ. सुरेश शर्मा द्वारा देवेन्द्र जैन का ऍलोपैथी पद्धति से उपचार किया गया जबकि होम्योपैथी की डिग्री होने से सुरेश शर्मा के पास एलोपैथी पद्धति से उपचार करने का अधिकार नही था, इसके बावजूद उक्त डॉक्टर कोविड आईसीयू आइसोलेशन वार्ड में इलाज करता रहा.डॉक्टर की लापरवाही से देवेन्द्र जैन की 21 अप्रैल को मृत्यु हो गई। परिजनों द्वारा उपचार में लापरवाही की शिकायत नीलगंगा थाने में दर्ज कराई थी।

होम्योपैथी की डिग्री और कर रहा था एलोपैथी उपचार…..देवेन्द्र जैन शुगर पेशेंट थे जिसकी जानकारी परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन को पहले से दी थी उसके बावजूद अस्पताल प्रबंधन द्वारा होम्योपैथी डिग्री प्राप्त डॉ. सुरेश शर्मा से मरीजों का उपचार कराया जा रहा था। सीएमएचओ द्वारा गठित डॉक्टरों की पैनल ने प्रबंधन की लापरवाही का मामला भी पकड़ा था।

आईएमए के सचिव ने कहा…स्टडी के बाद कार्रवाई करेंगे उपचार में लापरवाही पर मरीज की मौत के मामले में देशमुख हास्पिटल के डायरेक्टर श्रीपद देशमुख और डॉ. सुरेश शर्मा के खिलाफ पुलिस में दर्ज हुए मामले के संबंध में आईएमए उज्जैन के सचिव डॉ. तपन शर्मा का कहना है कि एसोसिएशन पूरे केस की स्टडी और सीएमएचओ द्वारा प्रस्तुत पैनल की रिपोर्ट का अध्ययन कर आगे की कार्रवाई करेगा। वैसे पूर्व में यह मामला सामने आने पर एसोसिएशन द्वारा जांच में डॉ. देशमुख और सुरेश शर्मा को क्लिन चिट दी गई थी।

पिता ने कहा…पुलिस को धाराएं बढ़ाना चाहिये

देवेन्द्र जैन के पिता महेन्द्र जैन ने बताया कि अस्पताल प्रबंधन द्वारा फर्जी कागजात बनाये गये और पुलिस को झूठे बयान भी दिये गये। खास बात यह कि कोरोना वार्ड में जिन वार्ड बाय की ड्यूटी लगी थीं उन्हें चिमनगंज पुलिस ने रेमडेसीविर इंजेक्शन की कालाबाजारी करते हुए गिरफ्तार किया था। अस्पताल प्रबंधन द्वारा पुलिस और डॉक्टरों की पैनल को गलत बयान व रिकार्ड उपलब्ध कराये गये ऐसे में देशमुख अस्पताल के डायरेक्टर श्रीपद देशमुख और डॉ. सुरेश शर्मा के खिलाफ न सिर्फ धारा 304 ए बल्कि अन्य धाराओं में भी केस दर्ज होना चाहिये।

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