Advertisement

नवसंवत्सर 2079 का स्वागत,मंगल ध्वनि के साथ सूर्य को अघ्र्य

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:मंगल वाद्यों की मधुर ध्वनि के साथ सूर्य को अघ्र्य प्रदान कर हिंदू नववर्ष, नवसंवत्सर २०८१ का स्वागत किया गया। सम्राट विक्रमादित्य की नगरी उज्जैन में चैत्र शुक्ल प्रतिपदा पर 9 अप्रैल मंगलवार को शिप्रा तट पर शंख, ढोल-नगाड़े व शहनाई की मंगल ध्वनि के साथ नगरवासी सूर्योदय की प्रथम किरण को अघ्र्य प्रदान कर संवत्सर सूक्त का पाठ किया गया। घरों में गुड़ी व धर्म ध्वज का आरोहण हुआ।

Advertisement

चैत्र शुक्ल प्रतिपदा सृष्टि के आरंभ का दिन है। इस दिन से हिंदू नववर्ष का आरंभ होता है। सम्राट विक्रमादित्य ने भी इसी दिन से विक्रम संवत का आरंभ किया था। नवसंवत्सर के अवसर पर शहर में अनेक स्थानों पर नूतन वर्ष का उत्सव का आयोजन किया गया। इस दिन सूर्य को अघ्र्य प्रदान करने के बाद ब्रह्मा, विष्णु व शिव, ध्वज, मंगल कलश पूजन कर नृत्य संगीत के साथ भजन कीर्तन का आयोजन किया गया। गुड़, नीम, मिश्री का वितरण कर परस्पर शुभकामनाएं दी गई। नीम मिश्री का वितरण किया गया।

Advertisement

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें