Friday, September 22, 2023
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पांच दिन की थकान… फिर भी चेहरों पर मुस्कान

पांच दिन की थकान… फिर भी चेहरों पर मुस्कान

आज सुबह हुआ हजारों पंचक्रोशी यात्रियों का नगर प्रवेश, बौछारों के साथ इंद्रदेव ने किया स्वागत

अक्षरविश्व न्यूज.उज्जैन।118 किमी लंबी 5 दिनी थका देने वाली पंचक्रोशी यात्रा कर मुस्कुराते हुए हजारों यात्रियों ने बुधवार सुबह नगर प्रवेश किया। सुबह इंद्रदेव ने भी उनका बारिश की बौछारों से स्वागत किया।

पंचक्रोशी यात्रा कर श्रद्धालुओं का नगर प्रवेश कल शाम से शुरू हो गया था। छोटे-छोटे जत्थे में मंगलवार देर रात तक श्रद्धालुओं का नगर आगमन जारी रहा। इधर आज बुधवार तड़के से ही हजारों की तादाद में पंचक्रोशी यात्रियों ने नगर प्रवेश आरंभ कर दिया।

पंचक्रोशी यात्रा के अंतिम पड़ाव से हजारों यात्री एम आर-5 मार्ग स्थित नक्षत्र होटल के सामने से ढांचा भवन होते हुए हीरा मिल की चाल, कोयला फाटक, निजातपुरा, कोतवाली रोड, सती द्वार, गोपाल मंदिर से पटनी बाजार होते हुए अधिकांश श्रद्धालु नागचंद्रेश्वर मंदिर पहुंचे।

जबकि हजारों श्रद्धालु गोपाल मंदिर से ढाबा रोड होते हुए शिप्रा तट स्थित रेती घाट पहुंचे तथा उन्होंने अष्ट तीर्थ यात्रा भी आरंभ कर दी। यह यात्रा पूर्ण करने के बाद श्रद्धालु यहां से पटनी बाजार स्थित नागचंद्रेश्वर मंदिर पहुंचेंगे और गुरुवार को यहां बल लौटा कर और पूजन कर अपनी पंचक्रोशी यात्रा का समापन करेंगे तथा घर लौट जाएंगे।

इधर पंचक्रोशी यात्रा पूर्ण कर आए हजारों यात्री जिन्हें अष्ट तीर्थ यात्रा नहीं करनी थी, उन्होंने नागचंद्रेश्वर मंदिर जाकर बल लौटाए, और इसी के साथ अपने पंचक्रोशी यात्रा का समापन किया। नगर प्रवेश को देखते हुए संपूर्ण मार्ग तथा नागचंद्रेश्वर मंदिर और रेती घाट तक सुरक्षा व्यवस्था के लिए पुलिस बल लगाया गया था।

पैरों में छाले होठों पर भजन

5 दिन तक भीषण गर्मी के बीच थका देने वाली पंचकोशी यात्रा से लौट रहे अधिकांश यात्रियों के पैरों में सूजन और छाले पड़ गए थे। इसके बावजूद बुधवार सुबह सभी श्रद्धालुओं के चेहरों पर मुस्कान थी और चलते चलते भजन गा रहे थे।

पहले छाए बादल, फिर होने लगी बौछार

आज सुबह 7 बजे के लगभग हजारों पंचक्रोशी यात्री जब ढांचा भवन और हीरा मिल चाल क्षेत्र से नगर प्रवेश कर रहे थे तब आसमान में अचानक बादल छाए और उसके बाद बारिश की रिमझिम बौछार होने लगी। ऐसा लग रहा था मानों स्वयं इंद्र देव पंचक्रोशी यात्रियों का नगर प्रवेश पर स्वागत कर रहे हों।

कर्क राज मंदिर पर ताला…बाहर से दर्शन कर शुरू की अष्ट तीर्थ यात्रा

नगर प्रवेश के बाद आज सुबह हजारों पंचक्रोशी यात्री अष्ट तीर्थ यात्रा शुरू करने से पहले शिप्रा तट स्थित कर्क राज मंदिर पहुंचे लेकिन यहां मंदिर के मुख्य द्वार पर ताला लगा हुआ था। इस पर श्रद्धालु नाराज हुए। उन्होंने बाहर से ही कर्क राज महादेव के दर्शन किए और अष्ट तीर्थ यात्रा पर निकल पड़े।

पं राजू गुरु मोरवाला ने बताया कि पंचक्रोशी यात्रा में अष्ट तीर्थ यात्रा का विशेष महत्व है। पंचक्रोशी यात्रा से नगर प्रवेश कर कर्क राज मंदिर में दर्शन कर श्रद्धालु यह एक दिन की यात्रा आरंभ करते हैं। अष्ट तीर्थ यात्रा कर्क राज मंदिर, सिद्धवट, बावन कुंड से मंगलनाथ दर्शन के साथ समाप्त होती है। इसे छोटी पंचकोशी यात्रा भी कहा जाता है। पंचक्रोशी यात्रा अष्ट तीर्थ यात्रा के साथ ही संपूर्ण होती है तथा इसका पुण्य फल मिलता है। दोपहर तक करीब १५ हजार से ज्यादा अष्टतीर्थ यात्री सिध्दवट, बावन कुंड होकर मंगलनाथ मंदिर पहुंच गए थे।

100 मीटर दायरे में 10 जगह सेवा

नगर प्रवेश के दौरान आज सुबह ढांचा भवन से लेकर गोपाल मंदिर और रेती घाट तक कई स्वयंसेवी संस्थाओं और लोगों ने पंचक्रोशी यात्रियों की सेवा के लिए स्टाल लगाए, कोई सज्जनों को पोहे खिला रहा था तो कोई संतरे पानी की बॉटल और फल आदि से सेवा कर रहा था। उक्त मार्ग में प्रत्येक 100 मीटर के दायरे में 8 से 10 जगह श्रद्धालुओं की इसी तरह सेवा की जा रही थी।

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