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पुणे पोर्श एक्सीडेंट केस में दो डॉक्टर अरेस्ट….

क्राइम ब्रांच की कार्रवाई: डॉक्टरों पर आरोपी के ब्लड सैंपल बदलने का आरोप

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पुलिस बोली- आरोपी के पहले सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई थी, दूसरे टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव

अक्षरविश्व न्यूज . नईदिल्ली:पुणे पोर्श एक्सीडेंट केस में क्राइम ब्रांच ने दो डॉक्टर्स को सोमवार सुबह गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि अरेस्ट किए गए ससून जनरल हॉस्पिटल के फोरेंसिक डिपार्टमेंट के हेड डॉ. अजय तावरे और डॉ. श्रीहरी हरलोर पर नाबालिग आरोपी का ब्लड सैंपल बदलने आरोप है। पुलिस ने बताया कि आरोपी नाबालिग का दो बार ऐल्कोहॉल ब्लड टेस्ट कराया गया था। इसमें से पहले सैंपल की रिपोर्ट निगेटिव आई थी, लेकिन दूसरे टेस्ट की रिपोर्ट पॉजिटिव आई थी। दूसरे टेस्ट में आरोपी के ब्लड में ऐल्कोहॉल मिला था।

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डॉक्टर के मुताबिक, डॉक्टरों ने नाबालिग आरोपी का ब्लड सैंपल डस्टबिन में फेंक दिया था। वहीं, कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया कि डॉक्टरों ने नाबालिग की ब्लड रिपोर्ट किसी अन्य शख्स की रिपोर्ट से बदल दी थी, जिसने शराब नहीं पी थी। दोनों डॉक्टर्स से पुलिस पूछताछ कर रही है। दोनों को आज दोपहर शिवाजीनगर कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस कमिश्नर मामले को लेकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी करेंगे, जिसमें कुछ और नए खुलासे हो सकते हैं।

क्या है पुणे एक्सीडेंट केस?

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18-19 मई की रात 17 साल 8 महीने के आरोपी ने लग्जरी पोर्श कार से बाइक सवार युवक-युवती को टक्कर मारी थी। हादसे में ढ्ढञ्ज सेक्टर में काम करने वाले 24 साल के अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की मौके पर ही मौत हो गई। तब कार 200 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से चल रही थी। आरोपी नाबालिग के दादा सुरेंद्र अग्रवाल ने 23 मई को दावा किया था कि घटना के वक्त कार उनका फैमिली ड्राइवर चला रहा था। आरोपी के पिता विशाल ने भी यही बात कही थी। पुलिस की पूछताछ में ड्राइवर ने भी पहले खुद गाड़ी चलाने की बात स्वीकार की थी। हालांकि, क्राइम ब्रांच के अधिकारी ने बताया कि ड्राइवर को फंसाने की साजिश नाबालिग के पिता और दादा ने साथ में रची थी। ड्राइवर की शिकायत पर पुलिस ने दोनों के खिलाफ IPC  की धारा 365 और 368 के तहत मामला दर्ज किया था।

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