Saturday, May 21, 2022
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मध्यप्रदेश का गेहूं इस बार दुनिया में बिखेर रहा अपनी चमक

उज्जैन से 14525 टन गेहूं एक्सपोर्ट

उज्जैन।मप्र का गेहूं इस बार दुनिया में चमक बिखेर रहा है। रूस-यूक्रेन युद्ध के चलते गेहूं का एक्सपोर्ट बढ़ा है। प्रदेश से भी 40 देशों में अब तक साढ़े 3 लाख टन गेहूं एक्सपोर्ट हो चुका है। इसमें से उज्जैन जिले का 14525 टन गेहूं एक्सपोर्ट हो चुका है।आने वाले दिनों में और एक्सपोर्ट गेहूं होने की संभावना जताई जा रही है।

रूस-यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध ने देश के प्रमुख गेहूं उत्पादक क्षेत्र मालवा के किसानों की किस्मत खोल दी हैं। अफ्रीकी देशों में भारतीय गेहूं की बढ़ती मांग का ही असर है कि अभी तक जिले से ही 14525 टन भेजा जा चुका है। इससे किसानों को भी फायदा हो रहा हैं और व्यापारी भी मुनाफा कमा रहे हैं।

मंडी को भी अच्छा राजस्व मिल रहा हैं। एक जानकारी के अनुसार यानी पिछले साल के मुकाबले इस बार ढाई गुना ज्यादा गेहूं एक्सपोर्ट होने की संभावना है।

प्रदेश की मंडियों में समर्थन मूल्य से अधिक दाम पर गेहूं बिक रहा है। विदेशों से अच्छी डिमांड के कारण गेहूं व्यापारियों ने खरीदा है। निर्यात शुरू होने के बाद दो माह में रैक से सबसे अधिक गेहूं गुजरात के कांडला व मुंद्रा पोर्ट से विदेशों में भेजा गया

किसानों को भी अच्छा दाम मिल रहा है

कृषि मंड़ी बोर्ड भोपाल के अतिरिक्त निदेशक सीएस वशिष्ट के अनुसार गेहूं निर्यात की मार्च से शुरूआत हुई थी। रूस-यूक्रेन युद्ध की वजह से गेहूं का निर्यात बढ़ गया है। गेहूं उत्पादक किसानों को भी अच्छा दाम मिल रहा है। मुनाफा भी पिछले साल की तुलना में डेढ़ गुना हो गया है। मध्यप्रदेश सरकार भी निर्यात को बढ़ावा देने के लिए नए कदम उठा रही है।

ऐसा इसलिए हो रहा

रूस और खासकर यूक्रेन पूरी दुनिया में होने वाले गेहूं का कुल 35 प्रतिशत तक उत्पादन अकेले करते हैं और अफ्रीकी देशों के प्रमुख निर्यातक भी थे।

अभी दोनों देश युद्ध में उलझे हैं। ऐसे में भारत के प्रमुख गेहूं उत्पादक क्षेत्र मालवा के किसानों की किस्मत खुल गई है। किसानों का मुनाफा भी पिछले साल की तुलना में बढ़ गया है। गेहूं का समर्थन मूल्य 2015 प्रति क्विंटल है, लेकिन इससे कहीं ज्यादा दाम खुले बाजार में किसानों को मिल रहा है।

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