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मस्जिदे कुबा के इमाम की ट्रेन में संदिग्ध मौत

उज्जैन पहुंचने के 30 मिनिट पहले तक फोन पर चल रही थी बात

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उज्जैन। महिदपुर स्थित मस्जिदे कुबा के इमाम की पुरी-जोधपुर एक्सप्रेस में मृत्यु हो गई। ट्रेन में सवार सहयात्रियों ने उज्जैन स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद जीआरपी को इसकी सूचना दी। जीआरपी ने शव बरामद कर जिला चिकित्सालय भिजवाया और परिजनों को सूचना दी। शेख रफिक पिता सीमुद्दीन 35 वर्ष निवासी अमीनाबाद उड़ीसा, पुरी-जोधीपुर एक्सप्रेस के कोच एस-2 में कटक से उज्जैन की यात्रा कर रहे थे। शेख रफिक महिदपुर स्थित मस्जिदे कुबा के इमाम थे और परिवार के साथ महिदपुर में ही रहते थे। कोरोना कफ्र्यू मेें छूट के बाद परिजनों से मिलने कुछ दिनों पहले उड़ीसा गये थे और वहां से लौट रहे थे। मस्जिदे कुबा के अब्दुल सलाम ने बताया कि इमाम साहब को पेट में दर्द था। उन्होंने मोबाइल पर फोन कर सूचना दी थी। उनके पास दवाएं भी थीं। ट्रेन के उज्जैन स्टेशन पहुंचने के 30 मिनिट पहले तक वह मोबाइल पर बात कर रहे थे। अब्दुल सलाम ने बताया कि शेख रफीक 6 माह पहले इमाम बनकर महिदपुर आए थे। उनके तीन बच्चे हैं।

स्टेशन पर डॉक्टर नहीं
जीआरपी से मिली जानकारी के मुताबिक रेलवे स्टेशन पर ट्रेन रुकने के बाद यात्री की सूचना पर शेख रफिक को कोच से उतारकर रेलवे डॉक्टर को बुलाया गया तो पता चला कि वह स्टेशन पर मौजूद नहीं हैं। उन्हें यहां आने में एक घंटे से अधिक समय लगेगा इस कारण शेख रफिक को जिला चिकित्सालय लेकर पहुंचे जहां डॉक्टर ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया।

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