महामंडलेश्वर मंदाकिनी पुरी से मेरा कोई झगड़ा नहीं है: रवींद्र पुरी

अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद् अध्यक्ष से अक्षरविश्व की खास चर्चा
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि निरंजनी अखाड़े के महामंडलेश्वर शांतिस्वरूपानंद जी को हनी ट्रैप के मामले में उलझाने का षड्यंत्र रचने वाली मंदाकिनी पुरी से उनका कोई झगड़ा नहीं है और ना ही कोई जुड़ाव है।
पुरी अक्षरविश्व प्रतिनिधि से चर्चा कर रहे थे। उनसे यह सवाल पूछा गया था कि मंदाकिनी पुरी आरोप लगा रही हैं कि उसे फंसाने के लिए रवींद्र पुरी ने साजिश रची। रवींद्र पुरी ने कहा कि मंदाकिनी पुरी से आरोप से मेरा कोई संबंध नहीं है। मैंने किसी को नहीं फंसाया। उसकी ही महिला ने एफआईआर कराई है। हां, मैंने मंदाकिनी पुरी से कुछ समय पहले यह जरूर कहा था कि ऐसे लोगों से नहीं मिला करें। मैं तो एफआईआर होने के बाद उज्जैन पहुंचा।
मंदाकिनी पुरी को कहा था अभी शांति से भजन करेें। उसके बारे में आगे चलकर निर्णय लेंगे। पर उसने शांतिस्वरूपानंद जी के साथ अच्छा नहीं किया। अगर एफआईआर दर्ज हो जाती तो शांतिस्वरूपानंद जी सुसाइड कर लेते। शांतिस्वरूपानंदजी को फंसाने वाली महिला और घनश्याम पटेल भी मंदाकिनी पुरी के साथ हैं। मैं तो उज्जैन बस इसलिए आया कि हमारा कोई संत बदनाम ना हो। एक बड़ी गैंग संतों को बदनाम करने का काम कर रही है। हमें उसकी जांच करवानी है। यह संतों को टारगेट कर रहे हैं। पूरे भारत में यह ट्रेंड चल रहा है। अखाड़ा परिषद अध्यक्ष होने के नाते मेरा फर्ज है कि मैं संतों के साथ खड़ा रहूं।
सिंहस्थ और सनातन पर भी खुलकर बात
Q- सिंहस्थ के कामों को कैसे देखते हैं?
A- सिंहस्थ के काम बहुत तेजी से और अच्छे चल रहे हैं। इससे और ज्यादा कुछ अच्छा नहीं हो सकता है। सीएम डॉ. मोहन यादव बहुत अच्छा काम कर रहे हैं। हम सब साधु-संतों का आशीर्वाद उनके साथ है। वह अच्छा ङ्क्षसहस्थ करवाएंगे।
Q- अफसरों के काम से संतुष्ट है?
A- मेलाधिकारी और कलेक्टर साहब सब अच्छा और बेहतर काम कर रहे हैं। सिंहस्थ में अभी समय है। दो साल बाकी हैं। इस बार का सिंहस्थ भव्य और दिव्य होगा।
Q- अखाड़ा परिषद् के महामंत्री हरी गिरि जी चाहते हैं कि शिप्रा की खुदाई कर सफाई होनी चाहिए। क्या यह होगा।
A- शिप्रा साफ जरूर होगी। पिछली बार नर्मदा के जल में स्नान किया था। इस बार का सिंहस्थ शिप्रा के जल से ही होगा। कान्ह डक्ट योजना का काम पूरा होने के बाद शिप्रा की सफाई होगी और फिर साफ शिप्रा जल भरा जाएगा। तब शिप्रा प्रवाहमान भी होगी।
Q- उत्तम स्वामी पर रेप के आरोप लगे हैं, क्या इससे सनातन बदनाम नहीं होता।
A- उत्तम स्वामी पर अभी आरोप लगे हैं। आरोप तो किसी पर भी लगाए जा सकते हैं, आरोप साबित होने चाहिए। तब उसे डिफाल्टर माना चाहिए। सनातन को कंट्रोवर्सी में डालने वालों की पहचान की जा रही है। उनके लिए कालनेमी अभियान की शुरुआत कर रहे हैं। ऐसे लोगों की पहचान की जाएगी और उन्हें साधु समाज से बाहर निकाला जाएगा।









