मातृ नवमी… महिला आचार्यों ने कराया श्राद्ध तर्पण

श्रद्धालुओं से व्यसन की दक्षिणा मांगी….
उज्जैन। पुरोहित कोई पद नहीं यह विकसित व्यक्तित्व की विशेष अवस्था है। स्त्री को भी अपने आपको समाज का एक उपयोगी अंग एवं कर्मठ सदस्य समझना चाहिए। गायत्री शक्तिपीठ पर चल रहे 16 दिवसीय सामूहिक श्राद्ध तर्पण में मातृ नवमी पर महिला आचार्यों को श्राद्ध तर्पण कराने का दायित्व दिया गया। जिसे उन्होंने बड़ी कुशलता से निभाया। यहां श्राद्ध करने आए श्रद्धालुओं ने बताया कि बहनों द्वारा भी श्राद्ध तर्पण बहुत अच्छी तरह से कराया इनका संचालन बहुत प्रभावी और अच्छा लगा। नीति टंडन, पंकज राजोरिया, डॉ. वंदना जोशी ने श्राद्ध तर्पण कार्य का संचालन किया। आशा सेन ने इस काम में सहयोग किया। देवयज्ञ के समय पंकज राजोरिया ने मार्मिक अपील की कि अपने पितरों की शांति के लिए एक व्यसन दक्षिणा में मांग रही है व्यसन रुपी अपनी बुराई देकर जाइए।
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