मोदी मंत्रीमंडल में सिंधिया की एंट्री तय!मिल सकती है रेलवे की कमान

भोपाल. ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिछले साल कांग्रेस छोड़ बीजेपी में शामिल होने के बाद से ही चर्चा होने लगी थी कि वह केंद्रीय मंत्रीमंडल में शामिल हो सकते हैं। अब इन्हीं अटकलों के बीच उनके तीन दिवसीय भोपाल का दौरे से सियासी हलचल और बढ़ गई है। उनके करीबी लोगों का कहना है कि जल्द ही सिंधिया को मोदी टीम में जगह मिलेगी।
मोदी सरकार सिंधिया को देने जा रही बड़ा तोहफा
दरअसल, सूत्रों के मुताबिक, ऐसी खबरें आई हैं कि भाजपा राज्यसभा सांसद को भारतीय जनता पार्टी बड़ा तोहफा देने जा रही है। बताया जा रहा है कि मोदी सरकार जल्द ही अपने केंद्रीय मंत्रीमंडल में फेरबदल करने जा रही है। शुक्रवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और गृह मंत्री अमित शाह की बैठक भी इसी सिलसिले में हुई है। जिससे सिंधिया समर्थक यह कयास लगाने लगे हैं कि अब महाराज सेंट्रल में मंत्री बनाए जाएंगे।
सिंधिया को मिल सकती है रेलवे की कमान
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार सिंधिया को रेलवे की जिम्मेदारी मिल सकती है। यानि वह रेलवे मंत्री बनाए जा सकते हैं। हलांकि यह भी चर्चा निकलकर सामने आई है कि सिंधिया को शहरी विकास या मानव संसाधन जैसे अहम मंत्रालय की कमान भी सौंपी दी जा सकती है।
संघ और संगठन में बढ़ रहा सिंधिया का कद
केंद्रीय मंत्रिमंडल के फेरबदल से पहले सिंधिया एक बार फिर प्रदेश की राजनीति में सक्रिय होना और संघ से बढ़ती नजदीकियां और संगठन में मजबूती बताती है कि उनकी अब मोदी टीम में जगह पक्की हो गई है। वहीं उनके करीबी और प्रदेश में जलसंसाधन मंत्री तुलसी सिलावट ने कहा है कि बीजेपी में ज्योतिरादित्य सिंधिया को उचित सम्मान मिलना चाहिए।
कमलनाथ सरकार का किया था तख्तापलट
पिछले साल मध्यप्रदेश में कमलनाथ सरकार को गिराने में सिंधिया की अहम भूमिका निभाई थी। उन्हें भाजपा में आए हुए 15 महीने हो चुके हैं। सिंधिया समर्थक खासकर जो शिवराज सरकार में मंत्री बनाए गए हैं उनको उम्मीद है कि इस बार भाजपा ने उनसे जो वादा किया था उसे अब पूरा करने जा रही है। जिसका तोहफा मोदी सरकार उनको देने जा रही है।
इससे पहले दो बार केंद्रीय मंत्री रह चुके हैं सिंधिया
सिंधिया इससे पहले दो बार मनमोहन सिंह की कैबिनेट का केंद्रीय कैबिनेट का हिस्सा रह चुके हैं। उन्हें कांग्रेस सरकार में साल 2007 में पहली बार केंद्रीय सूचना और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री बनाया गया था। वहीं दूसरी बार वह 2009 में उन्हें वाणिज्य और उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री के रूप में जिम्मेदारी संभाली थी।
पिता भी संभाल चुके हैं ये दो बड़ी जिम्मेदारी
बता दें कि ज्योतिरादित्य सिंधिया के पिता माधवराव सिंधिया भी केंद्रीय कैबिनेट में रेल और मानव संसाधन मंत्री रहे थे। उन्होंने 1986 से 1989 तक राजीव गांधी सरकार में रेल मंत्री के रूप में भूमिका निभाई थी। वहीं 1995-96 में पीवी नरसिम्हा राव की कैबिनेट में मानव संसाधन विकास मंत्री भी रह चुके हैं।









