Sunday, December 3, 2023
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रिश्तों में आत्म सम्मान का ध्यान रखना क्यों जरुरी? 

आत्म सम्मान अपने कर्मों, विचारों और सिद्धांतों पर गर्व महसूस करना है । आत्म सम्मान मानसिक स्थिरता, आत्मविश्वास और स्वयंसेवा की भावना का प्रतीक है। ज्यादातर लोग अहंकार के साथ आत्म सम्मान को कम्पेयर करते हैं। लेकिन ये दोनों शब्द उनके अर्थों में बहुत भिन्न हैं। आत्म सम्मान सबसे पहले आता है, जब आप खुद का सम्मान करते हैं और खुद पर विश्वास करते हैं। अहंकार आता है, जब आपको एहसास होता है कि आप कितने महत्वपूर्ण और विशेष हैं। यदि आपमें किसी के लिए कोई सम्मान नहीं है, तो आप अहंकारी हैं। 

रिश्तों में आत्म सम्मान बहुत मायने रखता है। अगर आप खुद के आत्म सम्मान को ठेस पहुचाएंगे तो भी दुखी होंगे और दूसरों के साथ ऐसा करेंगें तो भी दुखी होंगे। इसलिए रिश्तों में आत्म सम्मान को ध्यान में रखना बहुत ही जरुरी है। इस आर्टिकल में हम आपको बताएंगें की अपने और दूसरों के आत्मसम्मान का ध्यान कैसे रखें। 

अपने पार्टनर का साथ दें 

क्या आपको डर है कि यदि आप अपने पार्टनर की इच्छाओं के विरुद्ध जाएंगे तो आप उसे खो देंगे?  इससे पता चलता है कि आपके रिश्ते में आत्म-सम्मान नहीं है। जब आप उस बात के लिए स्टैंड लेते हैं जिसे आप वास्तव में सही मानते हैं, तो पहले तो आपका साथी भले ही नाराज हो जाए, लेकिन वे आपको गंभीरता से लेंगे और आपकी राय का अधिक सम्मान करेंगे।

अपनी तुलना करना बंद करें 

कम आत्म-सम्मान वाले लोग अपनी तुलना दूसरे लोगों से करते हैं। यदि अपने से भी कम आत्म-सम्मान वाले किसी व्यक्ति से बात करने से आप अपने बारे में बेहतर महसूस करते हैं, तो यह सिर्फ यह दर्शाता है कि आपको लगातार किसी और की विफलता को देखने की ज़रूरत है । यह कम आत्म-सम्मान और बदलाव की इच्छाशक्ति की कमी का संकेत है। इसलिए अपनी तुलना करना बंद कर दें। 

अच्छा कम्युनिकेशन करें 

दूसरों के साथ संवाद करते समय, संवेदनशीलता और सम्मान बनाए रखें। दूसरों की बातें सुनें और वाद-विवाद के समय सभ्यता बनाए रखें। इससे आप दूसरों को महसूस कराएंगे कि आप उन्हें महत्व देते हैं और उनका सम्मान करते हैं।

विचारों का सम्मान करें 

आप दूसरों के विचारों, आदर्शों और व्यक्तित्व का सम्मान करें, भले ही वे आपकी राय से सहमत न हों। कभी भी किसी के स्वतंत्र विचारों का मजाक न बनाएं। इससे वे भी आपके विचारों का सम्मान करेंगें। 

पॉजिटिव सोच

खुद के और दूसरों के प्रति पॉजिटिव सोच विकसित करें। अपनी कामयाबियों और सामरिक योग्यताओं को महत्त्व दें, और दूसरों की उपलब्धियों और सफलताओं का भी सम्मान करें। इससे आप और दूसरे व्यक्ति दोनों को अच्छा महसूस होगा।

गलती होने पर स्वीकार करें 

अगर सच में आपसे कोई गलती हुई है तो उसे स्वीकार करें। अगर दूसरों ने गलती की है तो उन पर गुस्सा दिखाने से पहले उनकी परिस्थिति समझें और आराम से बात करें। गलतियां सब से होती है इसलिए इस वजह से खुद का या दूसरों का अपमान न होने दें। 

इन तरीकों से आप आत्म सम्मान का ध्यान रखकर रिश्तों में दर्रार आने से रोक सकते हैं। 

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