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विक्रमोत्सव: अनहद का नाद शुरू, तीन दिन तक संगीतज्ञ करेंगे वैचारिक मंथन

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। विक्रम उत्सव के तहत सुरों और विचारों का अनूठा संगम आज से देखने को मिल रहा है। महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ एवं संस्कृति विभाग, मध्यप्रदेश के संयुक्त तत्वावधान में अनहद : संगीत का उद्भव एवं विकास विषय पर तीन दिवसीय वैचारिक समागम का शुभारंभ मंगलवार दोपहर को हुआ।

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महाराजा विक्रमादित्य शोध पीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी ने बताया कि यह आयोजन 12 मार्च तक प्रतिदिन प्रात: 11 बजे से कालिदास अकादमी के अभिरंग सभागार में चलेगा। इस समागम में देश के प्रख्यात संगीतज्ञ और विद्वान भारतीय संगीत की परंपरा और उसके महत्व पर प्रकाश डालेंगे।

मंगलवार को कार्यक्रम का शुभारंभ मंगलाचरण से हुआ। जिसमें ध्रुपद संस्थान भोपाल, सप्तक स्कूल ऑफ म्यूजिक अहमदाबाद, मेहर बैंड मेहर, सुश्री सूर्य गायत्री, रुद्रवीणा विदुषी ज्योति हेगड़े एवं मृणालिनी देसाई की प्रस्तुतियां हुई। समागम के अंतर्गत संगीत कार्यक्रम भी हुए जिसमें विदुषी देवकी पंडित, पं. रूपक कुलकर्णी (बांसुरी), पं. मैसूर मंजुनाथ (वायलिन) तथा पं. साजन मिश्र अपनी संगीत प्रस्तुतियां देंगे।

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इन तीन दिनों में पद्मश्री डॉ. भगवतीलाल राजपुरोहित, पं. अर्जुन भारद्वाज, शतावधानी आर. गणेश, डॉ. पुरुदधीच, डॉ. श्रीनिवास वरखेड़ी, पं. बालकृष्ण शर्मा, पं. श्रीहरि गोकर, पं. गोस्वामी रणछोड़दास, विदुषी ज्योति हेगड़े। डॉ. पंकज माला शर्मा और डॉ. इंद्राणी चक्रवर्ती भी प्रस्तुति देंगे।

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