Tuesday, November 28, 2023
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शहर में कोरोना की तर्ज पर तेजी से फेल रहा है आई फ्लू…!

जिला अस्पताल में पहुंच रहे रोजाना 100 से अधिक मरीज

शहर में कोरोना की तर्ज पर तेजी से फेल रहा है आई फ्लू…!

वर्ष-2018 के बाद और अधिक सक्षम बनकर हो रहा है वायरल

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:शहर में आई फ्लू जिसे कंजिक्टिवाइटिस भी कहा जाता है, तेजी से फेल रहा है। जिला अस्पताल ओपीडी में 100 से अधिक मरीज रोजाना पहुंच रहे हैं। प्रायवेट क्लिनिक और मेडिकल स्टोर्स से दवाई खरीदने वालों की संख्या इससे अधिक ही होगी। डॉक्टर्स के अनुसार वर्ष-2018 के बाद और अधिक सक्षम होकर यह बीमारी वायरल हो रही हैं। ऐसे में शहरवासियों को अधिक सावधानी रखना होगी।

जिला अस्पताल की वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. आभा जैथलिया के अनुसार उन्होंने वर्ष-2018 में भी इसी अस्पताल में इस रोग से पीडि़त मरीजों का उपचार किया था। उस समय इस आई फ्लू के मरीज 5 से 7 दिन में ठीक हो रहे थे। उसके बाद के दो वर्ष में यह आई फ्लू गायब सा रहा।

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इस बार इसके लक्षण भी कुछ अलग है

डॉ.जैथलिया के अनुसार मरीजों को इस रोग का संक्रमण अचानक से होता है। मरीज या तो किसी रोगी के संपर्क में आए या फिर रोगी द्वारा किसी वस्तु को हाथ लगाने के उसे हाथ लगा लिया जाए और हाथ की अंगुलियां स्वयं की आंखों तक पहुंच जाए। इतने में ही संक्रमण पैर पसार रहा है।

यह इतनी तेजी से आंखों को अपनी जद में ले रहा है कि दो दिन के भीतर आंखे पूरी लाल हो रही है। आंखों के सफेद हिस्से में इस बार इस रोग के कारण खून के थक्के जम रहे हैं।

पलकों तक आंखें सूज रही है। ठीक होने में 15 दिन तक लग रहे हैं। इस बीच आंखों से लगातार पानी बहने का क्रम बना रहता है। डॉ.जैथलिया के अनुसार यह सब पहले इतना अधिक नहीं होता था। इसका सीधा अर्थ है कि कंजिक्टिवाइटिस के किटाणु तेजी से हमला करके सबकुछ डेमेज करने लग जाते हैं। यह तेजी से वायरल हो जाते हैं।

यह सावधानी रखें आम आदमी

डॉ.जैथलिया ने बताया कि आम आदमी को इससे बचने के लिए सतर्क रहना जरूरी है। उन्होंने टिप्स दी कि-

घर से बाहर निकलें तो चश्मा अवश्य लगाएं। कोरोना काल की तरह किसी भी चीज को छूने से बचें। आवश्यक होने पर हाथ को सैनेटाईज कर लें। ताकि अंगुलियां यदि चेहरे, आंख तक जाए तो संक्रमण नहीं लग सके।

सार्वजनिक स्थानों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में जाने से बचें। यह रोग वर्षा ऋतु में होता है, खास करके उमस वाले समय में।

कोशिश करें कि सार्वजनिक स्थानों पर खाना, चाय आदि लेने से बचें। ताकि अन्य लोगों, कर्मचारियों के हाथ लगे बर्तन/मग आदि आपको संक्रमित न कर सकें।

यदि रोग हो जाए तो यह सावधानी रखें…

जिस रूमाल/तोलिये का उपयोग करते हैं, उसे परिवार के अन्य सदस्य को न करनें दें। वॉश रूम का उपयोग करने के बाद नल, दरवाजे के हत्थे आदि को सैनेटाईज कर दें।

संक्रमित व्यक्ति के कपड़े आदि मशीन में या हाथ से अलग से धोएं। उनके बर्तन आदि भी अलग ही रखें तथा सफाई करने के बाद अन्य बर्तनों में उन्हें शामिल न करें।

आंखों में थोड़ा सा भी लालपन दिखे या अंदर खुजली सी, किरकिरी सी लगे तो तुरंत चिकित्सक के पास पहुंचे।

बगैर चिकित्सक की सलाह के दवाईयां न लें। मामला आंखों का है, कुछ भी हो सकता है।

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