Advertisement

शिव नवरात्रि: महाकाल को अर्पित करेंगे 57 लाख का महाराज भोग

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाशिवरात्रि महापर्व पर श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में श्री महाकालेश्वर भगवान को पुणे के परिवार द्वारा नौ दिनों तक महाराज भोग का चढ़ाया जाएगा। पहले दिन शुक्रवार शाम को महाराज भोग में बाबा को 125 किलो खजूर का भोग लगाया गया। भोग प्रेस क्लब अध्यक्ष नंदू यादव ने वितरित किया।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

पुणे के डॉ. सागर, डॉ. साधना, पुत्र साराध्य, पुत्री साध्या, पुत्र चिरंजीव सात्विक कोलते परिवार ने 32 लाख का महाराज भोग, 18 लाख का राजघराना उट्टन, 7 लाख का चांदी का थाल, चांदी का पात्र, स्वर्ण वर्क महाकाल को अर्पित किया जाएगा। महाशिवरात्रि के दिन महाराज भोग तथा राजघराना उट्टन अर्पित किया जाएगा। 10 दिन के उत्सव में 18 लाख राशि का राजघराना उट्टन, शुद्ध हीरक शुद्ध स्वर्ण भस्म, रजत भस्म, पुष्कराज भील आदि नवरत्न का भस्म चंदन तथा दुर्लभ दिव्य वनस्पति के सहयोग मिश्रित राजघराना उट्टन, चांदी के पात्र में चढ़ाया जाएगा। स्वर्ण वर्क जडि़त काजू, मामरा बादाम, खजूर, अखरोट, जर्दालु, बेदाना किशमिश, पिस्ता का भोग भी अर्पित किया जाएगा।

हर दिन भोग में यह सामग्री होगी अर्पित

Advertisement

शनिवार 125 किलोग्राम जर्दालु

रविवार 125 किलोग्राम अखरोट

Advertisement

सोमवार 125 किलोग्राम पुरंदरी अंजीर

मंगलवार 125 किलोग्राम किशमिश

बुधवार 125 किलोग्राम सांगली के कल बेदाना

गुरुवार 125 किलोग्राम पिस्ता

शुक्रवार 126 किलोग्राम मामरा बादाम

शनिवार 125 किलोग्राम काजू

रविवार 125 किलोग्राम काजू

हर दिन चांदी के तल में स्वर्ण वर्क जडि़त काजू आदि का भोग लगेगा।

चांदी के थाल में उच्चतम क्वालिटी की हल्दी भी अर्पित की जाएगी।

अंगारेश्वर भी नव रूपों में सज रहे

मंगल ग्रह का जन्म स्थान माने जाने वाले श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर में शुक्रवार से शिवनवरात्र महोत्सव प्रारंभ हो गया है। प्रतिदिन अंगारेश्वर महादेश को दूल्हा बनाकर नित नए रूप मेें शृंगारित किया जा रहा है। महाशिवरात्रि पर संध्या आरती में भगवान के शीश फल व फूलों से बना सेहरा सजाया जाएगा।

पुजारी पं. मनीष उपाध्याय ने बताया ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर की तरह चौरासी महादेव में से एक श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर में भी शिव विवाह का उत्सव पूरे नौ दिन मनाया जाता है। मंदिर के पुजारी सुबह नौ दिवसीय उपवास व पूजन का संकल्प लेकर दोपहर बाद से भगवान को दूल्हा रूप में सजाते हैं। भातपूजा के बाद शाम को 4 बजे 11 विद्वान ब्राह्मण द्वारा भगवान का महारुद्राभिषेक किया जाता है। इसके बाद भगवान का विशेष शृंगार होता है। भगवान अंगारेश्वर महादेव की पूजा अर्चना का विशेष दौर 16 फरवरी तक चलेगा। 15 फरवरी को महाशिवरात्रि पर भगवान की विशेष पूजा अर्चना कर शाम को सेहरा शृंगार किया जाएगा। भक्तों को दिनभर फलाहारी केसरिया खीर प्रसादी का वितरण होगा।

मार्कंडेश्वर महादेव पर भी आयोजन

शहर के चौरासी महादेव मंदिरों में भी शिवनवरात्र का उल्लास छाया है। खाकचौक के समीप विष्णु सागर परिसर स्थित श्री मार्कंडेश्वर महादेव मंदिर में शुक्रवार सुबह अभिषेक, पूजन के साथ शिव विवाहोत्सव की शुरुआत हुई। पीठाधीश्वर जय गुरुजी के आचार्यत्व में भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक-पूजन किया गया। इसके बाद हल्दी, चंदन लगाकर दूल्हे रूप में शृंगार किया गया। भगवान महाकाल की तरह मार्कंडेश्वर महादेव का भी 10 दिनों नित नए रूप में शृंगार होगा।

Related Articles

Write a review