सावधान : उज्जैन की एक महिला कोरोना पॉजिटिव ,अब नहीं संभलें तो स्थिति होगी गंभीर

 उज्जैन- शहर में कोरोना पाजिटिव का पहला मामला सामने आते ही कलेक्टर द्वारा कफ्र्यू की घोषणा कर दी गई है। इधर स्वास्थ्य, पुलिस व प्रशासन की टीम द्वारा कोरोना पाजिटिव महिला के घर पहुंचकर उसके परिजनों की जांच के साथ आइसोलेशन शुरू कर दिया गया है।
सीएमएचओ अनुसूइया गवली ने बताया कि जांसापुरा में रहने वाली महिला को सर्दी, खांसी, बुखार की शिकायत पर चेरिटेबल अस्पताल में परिजनों ने भर्ती कराया था। जहां महिला की हालत गंभीर होने पर और उसमें कोरेाना वायरस जैसे लक्षण पाये जाने पर चेरिटेबल अस्पताल प्रशासन ने उसे माधव नगर अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड रैफर कर दिया था। यहां डॉ. एचपी सोनानिया ने महिला की हालत देखी और इंदौर एमवाय रैफर कर दिया।

इस दौरान माधव नगर अस्पताल के स्टाफ द्वारा उक्त महिला के ब्लड आदि सेम्पल लिये गये थे, जिसकी जांच रिपोर्ट आज अस्पताल प्रशासन को मिली। इसमें महिला का कोरोना पाजिटिव होना पाया गया है। कलेक्टर शशांक मिश्र द्वारा इसकी पुष्टि करने के साथ ही आम लोगों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु शहर में उत्पन्न हुई परिस्थितियों के मद्देनजर उज्जैन नगर निगम सीमा में तत्काल प्रभाव से कफ्र्यू लगाकर इसका सख्ती से पालन कराने के आदेश जारी कर दिये गये हैं।

इधर जांसापुरा क्षेत्र में रहने वाली कोरोना संक्रमित महिला के घर अल सुबह से पुलिस, प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने दस्तक दी और घर में मौजूद परिजनों के स्वास्थ्य की जांच के साथ आइसोलेशन भी शुरू कर दिया।

व्यापारी पहुंचे देवासगेट थाने, फूल मंडी से किसानों को भगाया – शहर में चल रहे लॉकडाउन के बीच कोरोना पाजिटिव का मरीज मिलने के बाद कलेक्टर द्वारा एक ओर जहां कफ्र्यू घोषित कर दिया गया है बावजूद इसके दूधतलाई फूल मंडी में सुबह किसान सीधे फूल लेकर पहुंचे और विक्रय शुरू कर दिया। फूल मंडी के व्यापारी देवेन्द्र गेहलोत, संजय परमार, देवनारायण परमार आदि ने बताया कि लॉकडाउन की वजह से फूल मंडी पूरी तरह से बंद कर दी गई है बावजूद इसके कुछ किसान सुबह से फूल लेकर मंडी पहुंच रहे हैं और यहां फूलों का विक्रय भी स्वयं कर रहे हैं। इसकी शिकायत देवासगेट थाने में की गई जिसके बाद पुलिस ने मंडी पहुंचकर यहां व्यापार कर रहे किसानों को भगाया और दुबारा न आने की हिदायत दी।

यह है कलेक्टर का आदेश– कलेक्टर शशांक मिश्र द्वारा जारी कफ्र्यू का आदेश धारा 144 दं.प्र. सं. इस प्रकार है – कोरोना वायरस के संक्रमण की संभावना को दृष्टिगत रखते हुए तथा आम लोगों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा हेतु उज्जैन शहर में उत्पन्न हुई परिस्थितियों के कारण उज्जैन जिले में 23 मार्च से 25 मार्च रात्रि 12 बजे तक लॉकडाउन के आदेश जारी किये गये हैं जिसे उज्जैन जिले की संपूर्ण सीमा में आगामी आदेश तक लागू किया जाता है।

उक्त आदेश का पालन लोक जीवन की सुरक्षा हेतु सख्ती से कराया जाना अनिवार्य हो गया है। मुझे इस बात की संतुष्टि हुई है कि उज्जैन नगर निगम सीमा में तत्काल प्रभाव से धारा 144 के तहत कफ्र्यू लगाकर इसका सख्ती से पालन कराया जाएं।

कोई भी व्यक्तिसड़कों, सार्वजनिक मार्गों, सार्वजनिक स्थलों एवं आवागमन के अन्य रास्तों पर नहीं रहेगा, न ही निकलेगा। इसके अलावा कलेक्टर द्वारा स्वास्थ्य, पुलिस प्रशासन की ड्यूटी लगाने के लिये पृथक से आदेश जारी किये जाएंगे।सुबह से नाकेबंदी के साथ पुलिस ने शुरू की सख्तीशहर में पहली कोरोना पाजिटिव मामला सामने आने के बाद एक ओर जहां कलेक्टर ने शहर में कफ्र्यू की घोषणा कर दी है वहीं दूसरी ओर पुलिस पुलिस अधिकारी भी तुरंत हरकत में आ चुके हैं।

फ्रीगंज, महाकाल मंदिर मार्ग व शहर के प्रमुख मार्गों पर बेरिकेड्स लगाकर वाहनों के आवागमन को पूरी तरह प्रतिबंधित कर दिया गया है। सुबह स्थिति यह रही कि लोगों को लॉकडाउन की सूचना थी, इस कारण सड़कों पर आवश्यक सामग्री खरीदने के लिये लोग सब्जी, दूध, किराना, व मेडिकल स्टोर पर खरीदी करने सड़कों पर निकले थे। ऐसे लोगों को पुलिस ने सख्ती से कलेक्टर के आदेश का पालन करते हुए घर लौटने की हिदायत दी।

विदेश से आकर रह रहे है... ऐसे कई लोग है, जो विदेशों आकर शहर में परिचितों या अपने घरों में रह रहे है। लेकिन पुलिस प्रशासन का ध्यान अभी तक ऐसे लोगों की तरफ नहीं गया है। न इनकी जांच हो रही है और न पता लगाया जा रहा है कि आखिर ऐसे लोगों की संख्या कितनी हो सकती है।

जिस तरह से कोरोना संक्रमण अपने पैर पसार रहा है, ऐसे में पुलिस प्रशासन को इसे गंभीरता से लेना चाहिए। कमरी मार्ग क्षेत्र में अनेक ऐसे लोग है, जो दुबाई, कतर और अन्य देशों से उज्जैन लौटे है, लेकिन उन्होंने अपनी जांच नहीं कराई है।