Tuesday, May 17, 2022
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स्वर कोकिला लता मंगेशकर का निधन

स्वर कोकिला और भारत रत्न लता मंगेशकर का आज निधन हो गया है. पिछले 29 दिन से वह मुम्बई के ब्रीच कैंडी अस्पताल में भर्ती थीं. 8 जनवरी को लता मंगेशकर को कोविड पॉजिटिव पाया गया था.

लता मंगेशकर का जन्म 28 सितंबर, 1929 को एक मध्यमवर्गीय मराठी परिवार में हुआ. मध्य प्रदेश के इंदौर शहर में जन्मीं लता पंडित दीनानाथ मंगेशकर की बड़ी बेटी थीं. उनका पहला नाम ‘हेमा’ था, मगर जन्म के पांच साल बाद माता-पिता ने इनका नाम ‘लता’ रख दिया था.

लता अपने सभी भाई-बहनों में बड़ी थीं. मीना, आशा, उषा तथा हृदयनाथ उनसे छोटे थे. उनके पिता रंगमंच के कलाकार और गायक थे और वह एक मशहूर नाम थे.

लता मंगेशकर जब सात साल की थीं, तब वह महाराष्ट्र आईं. उन्होंने पांच साल की उम्र से पिता के साथ एक रंगमंच कलाकार के रूप में अभिनय शुरू कर दिया था.

लता बचपन से ही गायिका बनना चाहती थीं. लता के पिता को शास्त्रीय संगीत बेहद पसंद था.

इसीलिए वह लता के फिल्मों में गाने के खिलाफ थे. 1942 में उनके पिता का देहांत हो गया. इसके बाद उनके परिवार की आर्थिक स्थिति बिगड़ गई और परिवार चलाने के लिए लता ने मराठी और हिंदी फिल्मों में छोटी-छोटी भूमिकाएं निभानी शुरू कीं.

लता मंगेशकर को पहली बार मंच पर गाने के लिए 25 रुपये मिले थे. इसे वह अपनी पहली कमाई मानती हैं. लता ने पहली बार 1942 में मराठी फिल्म ‘किती हसाल’ के लिए गाना गाया. लता मंगेशकर का पूरा जीवन अपने परिवार के लिए समर्पित रहा. घर के सभी सदस्यों की जिम्मेदारी उन पर थी, ऐसे में जब शादी का ख्याल आता भी तो वह उस पर अमल नहीं कर सकती थीं. लता मंगेशकर को 2001 में सर्वोच्च सम्मान भारत रत्न से नवाजा गया था.

अपने लगभग 78 साल के करियर में करीब 25 हजार गीतों को अपनी आवाज देने वाली लता मंगेशकर को कई पुरस्कारों और सम्मानों से नवाजा गया था।

तीन बार उन्होंने राष्ट्रीय अवार्ड अपने नाम किया था। अपनी मधुर आवाज से लोगों को मोह लेने वाली लता मंगेशकर को प्रतिष्ठित भारत रत्न और दादा साहेब फालके अवार्ड से भी सम्मानित किया गया था।

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