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हरिद्वार: दीवार तोड़कर नदी में समा गई कार, चार लोगों की मौत

हरिद्वार में पिरान कलियर दरगाह से लौट ट्रेवल्स व्यवसायी गुलफाम ने सोचा भी था कि उनका परिवार अब घर वापस नहीं लौटेगा। गुरुवार देर रात को दरगाह से लौटते वक्त गुलफाम की कार रानीपुर झाल के पास दीवार को तोड़ते हुए गंग नहर में जा गिरी। इस दौरान गुलफाम की पत्नी, बेटे, बेटी और चालक की मौत हो गई।

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चारों लोगों के शव घटनास्थल से करीब डेढ़ सौ मीटर दूर कार के अंदर से बरामद किए गए। जिसने भी घटना के बारे में सुना वह अपने आप को रोक नहीं पाया और मौके पर पहुंच गया। रेस्क्यू अभियान में मदद करने के लिए कुछ लोग ट्रेक्टर पर बड़ी बड़ी लाइटें लगाकर मौके पर पहुंचे जिससे पुलिस को रात के अंधेरे में कोई दिक्कत न हो।

पुलिस ने रेस्क्यू अभियान चलाने के लिए रानीपुर झाल के रेगुलेटर भी बंद करा दिए थे। वहीं अग्निशमन विभाग की गाड़ी के अलावा एसडीआरएफ भी मौके पर पहुंची और जल पुलिस केे साथ मिलकर रेस्क्यू अभियान चलाया। रेस्क्यू अभियान को दौरान पुलिस को काफी दिक्कतों का सामना भी करना पड़ा। लोगों की भीड़ के चलते पुलिस को कई बार परेशानी भी हुई। ऐसे में पुलिस ने कई बार लोगों को वहां से हटाया।

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पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र के बाबर कालोनी के रहने वालेे गुलफाम का ट्रेवल्स का कारोबार है। बताया जा रहा है कि गुरुवार को वह परिवार के साथ इबादत करने पिरान कलियर दरगाह गए थे। इबादत के बाद वह गंगनहर पटरी से घर लौट रहे थे।

रात करीब साढ़े आठ बजे जैसी ही उनकी कार रानीपुर झाल के पास पहुंची, सामने से कोई वाहन आ गया। वाहन को बचाने के चक्कर में उनकी कार अनियंत्रित होकर दीवार को तोड़ते हुए गंगनहर में गिर गई। गुलफाम किसी तरह से छिटककर बाहर गिरे। जबकि उनकी पत्नी शाहना (33), बेटा आलीशान (5), बेटी गुलिस्ता (3)  चालक मंसूर (45) निवासी कस्वावान कार समेत गंगनहर में समा गए।

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गुलफाम ने घटना की सूचना वहां से गुजर रहे लोगों के साथ फोन से पुलिस को दी। सूचना पर कोतवाली और जल पुलिस मौके पर पहुंची। कोतवाल प्रवीण सिंह कोश्यारी ने बताया कि रानीपुर झाल से पानी को रोककर सर्च अभियान चलाया गया। रात साढ़े दस बजे कार के अंदर से चारों लोगों के शव बरामद कर लिए गए।

परिवार के नहर में डूब जाने के बाद गुलफाम बदहवास हालत में घूम रहा था। हर कोई उसे ढ़ांढ़स बंधा रहा था। घटना स्थल पर मौहल्लेवासी, रिश्तेदार और परिचित मौके पर पहुंच गए। गुलफाम के घर पर भी महिलाओं को सांत्वना देने के लिए मोहल्ले की महिलाएं पहुंची।

 

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