हरिफाटक-मकोडिय़ाआम एलिवेटेड ब्रिज का टेंडर जारी, 15 अप्रैल को खुलेगा

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। आधुनिक शहर की ओर तेजी से कदम बढ़ा रहे उज्जैन में एलिवेटेड ब्रिज बनाने का टेंडर पीडब्ल्यूडी विभाग ने जारी कर दिया है। ठेकेदार 15 अप्रैल तक आवेदन कर सकते हैं। इसके बाद टेंडर खोले जाएंगे और बोली हासिल करने वाली फर्म को काम सौंपा जाएगा।

आगर रोड और निकास चौराहे से बनने वाले एलिवेटेड ब्रिज का निर्माण कहां से कहां तक होगा, यह किस साइज का बनेगा, यह भी टेंडर में स्पष्ट किया गया है। टेंडर के मुताबिक दो अलग-अलग एलिवेटेड ब्रिज बनेंगे। पहला ब्रिज मकोडिय़ाआम (इंदिरानगर चौराहा) से शुरू होकर हरिफाटक ओवरब्रिज तक आएगा। 3.5 किलोमीटर लंबा यह एलिवेटेड ब्रिज फोरलेन होगा। इंदौरगेट होते हुए जाने वाले इस ब्रिज के निर्माण में सर्विस रोड का प्रोविजन भी किया गया है।
दूसरा एलिवेटेड ब्रिज निकास चौराहा से शुरू होगा और नईसड़क, फव्वाराचौक, दौलतगंज चौराहे से होता हुए इंदौरगेट आएगा। यह ब्रिज टू-लेन होगा और इसकी लंबाई 1.732 किलोमीटर रहेगी। लोक निर्माण के सिंहस्थ डिवीजन द्वारा जारी दोनों ब्रिज की अनुमानित लागत 416.37करोड़ आंकी गई है। टेंडर का मूल्य 50 हजार रुपए रखा गया है और प्रोसेसिंग फीस 1180 रुपए रहेगी। संबंधित फर्म और कंपनी 15 अप्रैल तक बिड दे सकते हैं। बिड आने के बाद टेंडर खोले जाएंगे और योग्य फर्म को काम सौंपा जाएगा।
एलिवेटेड ब्रिज क्यों जरूरी
उ ज्जैन शहर का दायरा लगातार बढ़ रहा है। ऐसे में ट्रैफिक का दबाव भी तेजी से बढ़ रहा है। पुराने शहर में तो सुबह से लेकर शाम तक वाहनों की इतनी रेलमपेल रहती है कि दिनभर ट्रैफिक फंसता है। दोनों एलिवेटेड ब्रिज ट्रैफिक की समस्या को काफी हद तक हल कर देंगे।
मसलन किसी व्यक्ति को यदि हरिफाटक ओवरब्रिज होते हुए इंदिरानगर जाना है तो वह सीधे एलिवेटेड का उपयोग कर लेगा। उसे गदापुलिया, इंदौरगेट, रेलवेस्टेशन, देवासगेट, चामुंडा माता चौराहा, सुभाषचंद्र बोस मार्ग, कोयला फाटक, गाड़ी अड्डा चौराहा, चिमनगंज मंडी गेट, मोहननगर तिराहे पर क्रॉसिंग का सामना नहीं करना पड़ेगा। इसी तरह निकास से हरिफाटक ब्रिज आने-जाने वाले तेलीवाड़ा, कंठाल चौराहा, क्षीरसागर टेकरी कट, नईसड़क एसबीआई कट, एटलस चौराहा, दौलतगंज, दूधतलाई पर क्रॉसिंग के लिए नहीं रुकना होगा।









