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इंजीनियरिंग कॉलेज के पास ही बनेगा मेडिकल कॉलेज

इंजीनियरिंग कॉलेज के पास ही बनेगा मेडिकल कॉलेज

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निर्माण के लिए 9 हे. से अधिक जमीन आवंटित

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:सरकारी मेडिकल कॉलेज का निर्माण उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज की जमीन पर होगा। इसके लिए प्रशासन ने 9 हेक्टेयर से अधिक जमीन नजूल निवर्तन नियम 2020 के तहत चिकित्सा शिक्षा विभाग को आवंटित कर दी है।

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जमीन आवंटन किए जाने के बाद शहर में सरकारी मेडिकल कॉलेज निर्माण की राह खुल गई है। हालांकि निर्माण शुरू होने में अभी वक्त लगेगा, क्योंकि कॉलेज भवन बनाने को ड्राइंग-डिजाइन और डीपीआर अभी तैयार नहीं है। लोक निर्माण विभाग इसे बनवाने के लिए कंसल्टेंट नियुक्त करने की कार्रवाई कर रहा है। निविदा आमंत्रण में तीन कंसल्टिंग फर्म ने विभाग की सेवा-शर्तों के अधीन नियुक्त होने का दावा किया है।

एक फर्म मापदंड पूरे न करने पर नियुक्ति प्रक्रिया से बाहर कर दी गई है। शेष दो फर्मों का तकनीकी प्रस्तुतीकरण होना शेष है। प्रस्तुतीकरण के बाद दोनों में से जिस भी फर्म की वित्तीय बीड कम पाई जाएगी, उसे कंसल्टेंट नियुक्त कर दिया जाएगा।

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विभाग के अनुसार नियुक्त होने वाली कंसल्टिंग फर्म को अपने अनुभव, कौशल और ज्ञान को लागू करके कालेज की ड्राइंग-डिजाइन, डीपीआर बनाना होगी। शुरुआत से लेकर अंत तक प्रोजेक्ट की देखरेख करना होगी। मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण 38 माह में पूर्ण कराना होगा।

ग्राम मालनवास में है जमीन

उज्जैन में मेडिकल कॉलेज भवन का निर्माण के लिए इंजीनियरिंग कॉलेज की भूमि के आवंटन आदेश कलेक्टर द्वारा जारी कर दिये गये है ।

तहसीलदार नजूल अनुसार तहसील कोठी महल के ग्राम मालनवासा सर्वे क्रमांक 80/2 रकबा 1.097 हे, में से 0.334 हे., सर्वे नं. 81 रकबा 5.299 हे. में से रकबा 0.783 हे., सर्वे 82/2/1 रकबा 2.372 हे., सर्वे 112/1 रकबा 1.369 हे. सर्वे नं. 113 रकबा 0.167 हे., सर्वे नं. 114 रकबा 0.084 हे., सर्वे नं. 115/1, 115/2 रकबा 1.682 हे. में से 1.640 हे., सर्वे नं. 124/1 रकबा 4.651 हे. में से 0.606 हे, सर्वे नं. 125 रकबा 0.146 हे. सर्वे नं. 127 रकबा 3.125 हे. में से 2.090 हे., सर्वे नं. 129/1 रकबा 0.010 हे. कुल किता 12 कुल रकबा 9.601 हे0 भूमि चिकित्सा शिक्षा विभाग को चिकित्सा महाविद्यालय की स्थापना हेतु आवंटित की गई है।

क्या है नजूल निवर्तन नियम

मेडिकल कॉलेज के लिए जमीन आवंटन नजूल निवर्तन नियम 2020 के तहत किया है। इसके मुताबिक यदि संस्था लंबे समय तक सरकारी जमीन का उपयोग करती नहीं पाई जाती है, तो कलेक्टर संभागीय समिति के अनुमोदन के बाद अन्य संस्था को जमीन आवंटित कर सकते हैं।

उज्जैन इंजीनियरिंग कॉलेज को 70 के दशक में 270 एकड़ जमीन आवंटित की थी। इंजीनियरिंग कॉलेज छह दशकों में 10 एकड़ जमीन का उपयोग भी नहीं कर पाया। इसके बाद जमीन का एक हिस्सा मेडिकल कॉलेज के लिए आवंटित किया गया है।

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