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उज्जैन:कोरोना से मृतकों की आत्मशांति के लिये पिंडदान

कोरोना संक्रमितों के शवों का परिजन नहीं कर पाये थे विधि अनुसार अंतिम संस्कार

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उज्जैन। पिछले 10 दिनों में शहर सहित आसपास के गांवों, तहसीलों में बड़ी संख्या में कोरोना संदिग्धों की मृत्यु हुई। कोरोना प्रोटोकॉल के कारण मृतकों के शव को परिजन न तो घर ले जा पाये और न ही विधि विधान के अनुसार अंतिम संस्कार हुआ। अब मृतात्माओं की आत्मशांति के लिये उनके परिजन बड़ी संख्या में रामघाट, सिद्धनाथ घाट पहुंचकर पिंडदान व अन्य कर्मकांड कर रहे हैं।

रामघाट पर कोरोना संक्रमण के कारण असमय काल का ग्रास बने लोगों के परिजनों का रूदन था। यह लोग अपने परिजनों का विधि और रीति के अनुसार अंतिम संस्कार तक नहीं कर पाये थे तो कई लोग ऐसे थे जिन्होंने संक्रमण और कोरोना प्रोटोकॉल के कारण अपने परिजनों का आखिरी बार मुंह तक नहीं देखा था। इन्होंने बताया कि कोरोना संक्रमण के कारण परिजन को अस्पताल में भर्ती कराया था जहां उनकी मृत्यु हुई।

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वहीं से शव को वाहन में डालकर चक्रतीर्थ ले गये घर के कुल 6 सदस्य अंतिम संस्कार के समय चक्रतीर्थ पर मौजूद रहे। विद्युत शवदाह मशीन में शव का अंतिम संस्कार हुआ। इस दौरान न तो विधि व रिवाज के अनुसार अंतिम संस्कार हुआ न ही परिजन शामिल हो पाये। इस कारण मृतात्मा की आत्मशांति के लिये पिण्डदान और अन्य कर्मकांड करने रामघाट आये हैं। पुलिस को संभालना पड़ी व्यवस्था: सुबह रामघाट पर कार, टैक्सी आदि वाहनों से बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने और वाहनों को घाट पर ही खड़ा करने के कारण अव्यवस्था व्याप्त हो गई। महाकाल थाना पुलिस ने यहां पहुंचकर घाटों से वाहन हटवाए।

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