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उज्जैन:माधवनगर हॉस्पिटल में आधी रात को फेंके ईंट-पत्थर, स्टॉफ और कर्मचारियों में भय

ओल्ड आय वार्ड की खिड़की के कांच फूटे

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स्टॉफ ने कहा- ऐसे माहौल में नहीं कर सकेंगे काम

क्या हॉस्पिटल में सब कुछ ठीक नहीं चल रहा

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उज्जैन। बीती रात एक मरीज की मौत को लेकर कुछ लोगों ने डॉक्टर्स के खिलाफ आक्रोश व्यक्त किया और हॉस्पिटल पर ईट-पत्थर फेंके। इससे ओल्ड आय वार्ड की खिड़कियों के कांच भी फूट गए। अंदर मरीज पलंग पर सोए हुए थे। वे भयभित हो गए वहीं स्टॉफ में भी डर बैठ गया। स्टॉफ ने कहाकि ऐसा चलेगा तो हम काम नहीं कर सकेंगे। हमे छुट्टी दे दो, हम अपने घर चले जाते हैं। इधर मृत मरीज के परिजनों ने आज सुबह भी हॉस्पिटल परिसर में धरना दिया और आरोप लगाए। हालंकि स्टॉफ ने यह माना कि सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है।

माधवनगर अस्पताल में मरीजों के उपचार के दौरान मौत होने की घटना लगातार बढ़ रही है। वहीं मरीज के परिजनों के बीच से उपचार में लापरवाही के आरोप भी गूंज रहे हैं। बीती रात भी यह आरोप गूंजे कि ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत हुई। हालांकि इस सब के पिछे डॉक्टर्स ने अपने कारण गिना दिए। एक परिजन ने रात्रि में ही आरोप लगाया कि मरीज की कोरोना रिपोर्ट क्यों बदली गई? वह पॉजीटिव्ह था, लेकिन अब बता रहे हैं कि निगेटिव्ह आया था?

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हाथ जोड़ता हूं,पथराव न करे, स्टॉफ को न डराएं- डॉ. कुमरावत
इस संबंध में चर्चा करने परे माधवनगर अस्पताल के नोडल अधिकारी डॉ. संजीव कुमरावत ने कहा कि हैल्थ वर्कर देशव्यापी संकट के समय 24 घंटे काम कर रहे हैं। अपनी जान जोखिम में डालने के बाद उनका मूल उद्देश्य है कि मरीज की जान बचाई जाए। कोई नहीं चाहता कि मरीज मरे। जिस मरीज की मौत हुई, वह अति गंभीर था। जब आया था तब पॉजीटिव था। 10 दिन बाद जांच करवाने पर निगेटिव्ह आया। ऑक्सीजन की कमी से मरीज नहीं मरा। मेरा लोगों से हाथ जोड़कर निवेदन है कि वे इस प्रकार से पथराव न करे। स्टॉफ डरा हुआ है। यदि काम बंद कर देगा तो हम कहां से लाएंगे स्टॉफ? कृपया सहयोग करें, आपका परिजन चला गया, इसका हमे भी अफसोस है। लेकिन इसप्रकार पथराव करके भय न फैलाएं।

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