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उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड अब एलिवेटेड नहीं सामान्य बनेगा

किसानों की मांग और कलेक्टर की अनुशंसा पर सीएम ने योजना में किया बदलाव

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड हाइवे अब एलिवेटेड नहीं समतल बनेगा। एलिवेटेड रोड का विरोध करने जिला मुख्यालय पहुंचे किसानों की मांग, कलेक्टर रौशनकुमार सिंह अनुशंसा पर सीएम डॉ. मोहन यादव ने योजना में बदलाव करने का ऐलान किया। 2935 करोड़ के इस हाईवे का निर्माण अब तेजगति से हो सकेगा।

दरअसल उज्जैन के चिंतामन जवासिया से शुरू होकर इंदौर के पितृपर्वत तक जाने वाले उज्जैन- इंदौर ग्रीनफील्ड को बनाने का मकसद इंदौर जाने के लिए एक नया रास्ता तैयार करना है। खासकर सिंहस्थ में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए इसे बनाया जा रहा है। योजना के दायरे में उज्जैन के आठ गांवों की जमीन आ रही है। दो जिलों को जोडऩे वाले इस मार्ग के लिए इंदौर जिले में मुआवजे की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

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उज्जैन के किसान अधिक मुआवजा और रोड को एलिवेटेड (जमीन से10 फीट ऊंचा) के बजाय समतल बनाने की मंाग कर रहे थे। ऊंचाई और मुआवजे की मांग लेकर वह बुधवार को अनिश्चितकालीन धरना देने उज्जैन पहुंचे थे। उनके साथ उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड हाइवे के किसान भी थे।

जावरा ग्रीनफील्ड की ऊंचाई पहले ही कम की चुकी है, बस मसला मुआवजा राशि को लेकर रुका हुआ है। स्मार्ट सिटी कार्यालय के सामने डेरा जमाए किसानों से एसडीएम कृतिका भीमावद, ज्वाइंट कलेक्टर सरिता लाल ने बात चीत शुरू की और किसानों के नेता राजेश सोलंकी के नेतृत्व वाले प्रतिनिधिमंडल की कलेक्टर रौशन कुमार सिंह से मुलाकात करवाई। इस बीच निगम सभापति कलावती यादव, भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल भी चर्चा में शामिल हो गए। इसमें दो बातें निकलकर आईं।

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बातचीत के दो मुद्दे

1  पहला इंदौर-उज्जैन हाईवे की ऊंचाई सामान्य रखी जाए।

2  दूसरा इंदौर-उज्जैन हाईवे के दायरे में आ रहे उज्जैन तहसील के 8 गांवों के किसानों की जमीन के मुआवजे का निर्धारण बाजार मूल्य से किया जाए। यही मांग जावरा-उज्जैन ग्रीनफील्ड हाईवे के प्रभावित किसानों की थी।

क्या तय हुआ
कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने हाईवे की ऊंचाई सामान्य रखने पर सहमति जताई। निगम सभापति और नगर अध्यक्ष भी इस पर तैयार दिखें। तय हुआ कि मामले से सीएम डॉ. मोहन यादव को अवगत करवाया जाए और किसानों के प्रतिनिधिमंडल की उनसे मुलाकात भी करवाई जाए।

सीएम हाउस में मीटिंग : दोपहर बात किसानों का प्रतिनधिमंडल निगम सभापति कलावती यादव, भाजपा नगर अध्यक्ष संजय अग्रवाल, उज्जैन ग्रामीण मंडल अध्यक्ष वीरेंद्र आंजना, राजेश सोलंकी के नेतृत्व में भोपाल पहुंचा। यहां सीएम डॉ. मोहन यादव ने सिंहस्थ और मेट्रोपोलिटन सिटी के अनुसार हाईवे की उपयोगिता बताई। उन्होंने उचित मुआवजे का आश्वासन देते हुए हाईवे की ऊंचाई भी सामान्य रखने का वादा किया।

किसानों ने आंदोलन किया स्थगित: किसान नेता राजेश सोलंकी ने बताया किसान अनिश्चितकालीन धरने की तैयारी से पहुंचे थे लेकिन बातचीत के बाद आंदोलन कर दिया है।

लुधियाना की कंपनी से एग्रीमेंट

उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड हाईवे का निर्माण पंजाब के लुधियाना की कंपनी करेगी। २० फरवरी को ही उसने अनुबंध किया है। अब किसानों की प्रमुख मांग मान लेने से कंपनी निर्माण काम तेजी से कर सकेगी।

89 गांव प्रभावित
दोनों ग्रीन फील्ड रोड परियोजनाओं से कुल 89 गांव प्रभावित हो रहे हैं जिनमें उज्जैन के 56, इंदौर के 20 और रतलाम के 13 गांव शामिल हैं। प्रदर्शन करने आए किसानों में तीन जिले के किसान शामिल थे।

सामान्य रहेगा ग्रीनफील्ड हाईवे
उज्जैन-इंदौर ग्रीनफील्ड हाईवे की ऊंचाई सामान्य रहेगी। मुआवजे का निर्धारण भी अच्छा होगा। अब रोड का निर्माण तेजी से हो सकेगा।
रौशनकुमार सिंह, कलेक्टर

सीएम का जताया आभार

ऊंचाई कम किए जाने और उचित मुआवजा देने की घोषणा से किसान प्रसन्नचित्त हैं और उन्होंने सीएम का आभार जताया है।

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