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उज्जैन: चरक सेंटर में दवाइयों की कमी…बाहर से मंगवा रहे

सिविल सर्जन का दावा : मरीज झूठ बोल रहे, मैं स्वयं जाकर स्टॉक चेक करता हूं, कम होगी जो जांच कराऊंगा

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उज्जैन। चरक कोविड सेंटर में इस समय मरीज दवाईयों की कमी से जूझ रहे हैं। जो अमीर हैं,वे तो डॉक्टर्स से दवाईयां लिखवाकर अपने परिजनों को मोबाइल पर फोन कर रहे हैं और परिजन उन्हे दवाईयां लाकर दे रहे हैं। इस बीच जो गरीब हैं तथा खर्च नहीं कर सकते, उनका आरोप है कि वे कहां जाएं उपचार करवाने? हालांकि सिविल सर्जन ने इस बात से सिरे से इंकार कर दिया है।

आज सुबह करीब 8 से 10 मरीजों के परिजनों ने कोविड सेंटर के बाहर यह आरोप लगाया कि उनके परिजन पॉजीटिव्ह/संदिग्ध होकर भर्ती हैं। यहां ड्यूटी स्टॉफ दवाईयों के पर्चे लिखकर दे रहे हैं तथा उनका कहना है कि कोविड सेंटर पर दवाईयां नहीं है, बाहर से लाकर दो। मरीज को जरूरी में देना है। कुछ परिजनों ने समस्या बतलाई कि हम तो गरीब हैं, दवाई खरीदने के रूपये कहां से लाएं?

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यह है सच्चाई

इस संबंध में नाम प्रकाशित न करने की शर्त पर कतिपय पेरामेडिकल स्टॉफ ने बताया कि सिविल सर्जन/सीएमएचओ स्टोर्स से सलाइन की बोतलें तक नहीं आ रही है, जो सामान्य स्थिति में चढ़ाई जाती है। इसके अलावा मरीजों को देने हेतु एजीथ्रोमाइसिन टेबलेट से लेकर कुछ इंजेक्शन तक की कमी बनी हुई है। ऐसे में मरीज की हालत देखकर हमे मजबूरन कहना पड़ता है कि यहां नहीं है, बाहर से बुलवा लो। यही कारण है कि कुछ लोग हमारा विरोध कर रहे हैं, लेकिन हम तो अच्छे के लिए ही कह रहे हैं। वरना नहीं होने पर नहीं लगाएगे, नुकसान तो मरीज का होगा? दवाईयां, सिलाइन की बोतल, इंजेक्शन कितना आ रहा है, इण्डेन की जांच करवाकर दिखवा लिया जाए।

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पर्याप्त दवाईयां हैं: सिविल सर्जन
इस संबंध में चर्चा करने पर सिविल सर्जन डॉ.पी एन वर्मा ने कहाकि जो मरीज बाहर से दवाईयां मंगवाने की बात कह रहे हैं,वे झूठ बोल रहे हैं। मैरे सामने दोनों नोडल अधिकारी बैठे हैं। इनसे पूछ लो, पर्याप्त दवाईयां, सिलाइन की बोतल, इंजेक्शन हैं। मैं स्वयं अभी जाकर स्टॉक चेक करता हूं। यदि कम होगी तो जांच करवाउंगा।

यह हुआ था कल आपदा प्रबंधन बैठक में
कल आपदा प्रबंधन की बैठक में जनप्रतिनिधियों के समक्ष अपनी समस्या सीएमएचओ एवं सिविल सर्जन ने रखी थी। इन्होने कहा था कि जितनी मात्रा में दवाईयां, इंजेक्शन, सिलाइन की बोतल आदि आना चाहिए,नहीं आ रही है। ऐसे में भोपाल से स्टॉक बढ़वाना होगा।

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