उज्जैन से इंदौर 30 मिनट में , ग्रीन फील्ड पर सुनवाई पूरी

कॉरिडोर के लिए अगले सप्ताह से शुरू हो सकता है मुआवजा वितरण, सिंहस्थ से पहले बनाने का लक्ष्य
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सिंहस्थ-2028 के लिए बेहद अहम इंदौर-उज्जैन ग्रीन फील्ड कॉरिडोर का काम मार्च से शुरू होने की संभावना है। उज्जैन-इंदौर जिले में कॉरिडोर के लिए जमीन अधिग्रहण की प्रक्रिया जारी है। सबसे ज्यादां 166 आपत्तियां सांवेर तहसील में आई हैं। इनकी सुनवाई पूरी हो गई है। इसी तरह हातोद तहसील में 70 आपत्तियां आई थीं। अगले सप्ताह तक इन जमीनों के अवॉर्ड पारित हो जाएंगे। अवॉर्ड पारित होने के बाद जमीन अधिग्रहण की परेशानी खत्म हो जाएगी और निर्माण कंपनी अगले महीने से काम शुरू कर सकती है। इंदौर-उज्जैन के बीच चिंतामन गणेश मंदिर से पितृपर्वत तक एमपीआरडीसी (मप्र रोड डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन) को ग्रीन फील्ड कॉरिडोर बनाना है। लुधियाना की कंपनी को इसका प्रोजेक्ट मिला है।
48 किमी की दूरी 30 मिनट में पूरी होगी
कॉरिडोर से उज्जैन-इंदौर के बीच की 48 किलोमीटर की दूरी केवल 30 मिनट में पूरी की जा सकेगी। एसडीएम सांवेर घनश्याम धनगर ने बताया कि 109 हेक्टेयर जमीन के लिए 166 आपत्तियां मान्य की गई थी। जमीन के लिए पहले ही छह से ज्यादा विभागों की जॉइंट मेजरमेंट सर्वे टीम ने सर्वे रिपोर्ट दे दी है। अधिकांश किसानों ने जमीन पर कुल जमीन के अलावा, जमीन में आने वाले पेड़, ट्यूबवेल, कुएं सहित अन्य संपत्तियों की संख्या भी बताई, ताकि मुआवजा पूरा मिल सके। जॉइंट मेजरमेंट सर्वे में पीएचई, पीडब्ल्यूडी, एग्रीकल्चर, हार्टीकल्चर, कृषि विभाग सहित प्रशासन की टीम ने जो रिपोर्ट दी थी, उसके अलावा किसानों ने भी पक्ष रखा है, उसे शामिल कर आगे अवॉर्ड पारित किया जाएगा।
प्रोजेक्ट एक नजर में
48.10 किलोमीटर लंबा होगा यह नया एक्सेस कंट्रोल्ड फोरलेन हाई-वे
45 तो कहीं 60 मीटर चौड़ाई होगी ग्रीनफील्ड कारिडोर हाई-वे की
2000 करोड़ रुपए परियोजना की लागत (निर्माण व अधिग्रहण खर्च मिलाकर)
हाईवे का ये रहेगा मार्ग और गांव
हाईवे इंदौर के पितृ पर्वत से शुरू होकर चिंतामन गणेश मंदिर के पास सिंहस्थ बायपास तक आएगा। चार प्रवेश बिंदु होंगे। इंदौर वाला छोर (पितृ पर्वत), उज्जैन वाला छोर (सिंहस्थ बायपास), इंदौर के वेस्टर्न बायपास को क्रॉस करने वाला पॉइंट और उज्जैन-बदनावर रोड को क्रॉस करने वाला पॉइंट।
हाई-वे इन प्रमुख गांवों से गुजरेगा
हाई-वे इंदौर के जंबूड़ी हप्सी, बुढ़ानिया, हातोद, सगवाल, कांकरिया बोडिया, जंबूडर्डी सरवर, जिंदाखेड़ा, रतनखेड़ी, बीबीखेड़ी, पीपल्या कायस्थ, हरियाखेड़ी, खतेडिय़ा, रंगकराडिय़ा, काछल्या, बलघारा, पोटलोद, टूमली, मगरखेड़ी, छितोड़ा, बालरिया, रालामंडल और उज्जैन के लिंबा पीपल्या, गोंदिया, हासमपुरा, पालखेड़ी, चिंतामन जवासिया, चांदमुख से गुजरेगा।
इंदौर जिले में 175 हेक्टेयर से अधिक भूमि अधिग्रहित की जाएगी। इससे 650 किसान प्रभावित होंगे। उज्जैन जिले के 8 गांवों की भूमि प्रोजेक्ट में शामिल है।









