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उज्जैन:127 रू का इंजेक्शन आया सूरत से…!

ब्लैक फंगस : एम्फोटेरिसिन-बी की शार्टेज का मामला

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आपदा में अवसर:उज्जैन में परसो यही इंजेक्शन 4200 रू. में मरीज के परिजन ने खरीदा था…

उज्जैन। ब्लैक फंगस के मामले सामने आने के बाद जहां लोगों में घबराहट है वहीं डॉक्टर्स भी उपचार के लिए आवश्यक इंजेक्शन बाजार में उपलब्ध नहीं होने के कारण परेशान है। आर डी गार्डी मेडिकल कॉलेज के वरिष्ठ नेत्र सर्जन डॉ.सुधाकर वैद्य के अनुसार एक मरीज का ऑपरेशन होना था।

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लेकिन इंजेक्शन उपलब्ध नहीं हो सका। परिजनों ने तलाशा और सूरत (गुजरात) से उक्त इंजेक्शन मंगवाया। इसकी कीमत थी मात्र 127 रू. थी। गौरतलब है कि यह इंजेक्शन शहर में एक व्यक्ति ने 4200 रू. में खरीदा। जिसने खरीदा उसने नाम प्रकाशित नहीं करने की शर्त पर बताया कि एक मेडिकल स्टोर्स वाले ने कहाकि तीन बत्ती से होकर आता हूं। आधे घण्टे बाद आया ओर बोला कि 4200 रू. में मिलेगा। मजबूरी थी,इसलिए ऐसे चार इंजेक्शन खरीद लिए।

रेमडेसिविर की तरह लिखने लगे इसे डॉक्टर्स
शहर के अनेक मेडिकल स्टोर्स से यह बात निकलकर सामने आ रही है कि जिस प्रकार से कोरोना को लेकर डॉक्टर्स ने पर्चे पर रेमडेसिविर इंजेक्शन लिखना शुरू कर दिया था, ठीक उसी प्रकार से अब नेत्र रोग चिकित्सकों ने उक्त और इंजेक्शन लिखना शुरू कर दिया है। जबकि उन्हे पता है कि बाजार में ये उपलब्ध नहीं है। एक डॉक्टर ने अनौपचारिक चर्चा में कहा हमारी मजबूरी है लिखने की। कल से डेथ हो जाए तो डेथ ऑडिट में यह बात आएगी कि उचित उपचार नहीं हुआ, दवाईयां लिखी नहीं गई। इसलिए हमारी ओर से लिख दिया।

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