कमीशन के फेर में नीट छात्र बना मनी लॉन्ड्रिंग का मोहरा

150 रुपए के लालच में 8.50 लाख ठगे

अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। ऑटोमोबाइल फाइनेंसर को गूगल मैप्स पर रिव्यू और रेटिंग देने का लालच देकर 8.50 लाख रुपए की चपत लगाने वाले गिरोह का राज्य साइबर सेल ने पर्दाफाश किया है। पुलिस की विशेष टीम ने राजस्थान के जोधपुर और फलौदी में डेरा डालकर उस म्यूल अकाउंट ऑपरेटर को दबोच लिया है जो ठगी की रकम को ठिकाने लगा रहा था। चौंकाने वाली बात यह है कि आरोपी डॉक्टर बनने के लिए नीट जैसे प्रतिष्ठित परीक्षा की तैयारी कर रहा है। वह कमीशन के लालच में राशि बैंक खातों में यहां से वहां करता रहा और पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
ठगी की शुरुआत व्हाट्सएप मैसेज से हुई थी। नामदारपुरा निवासी फाइनेंसर को झांसा दिया गया कि उन्हें सिर्फ गूगल मैप्स पर लोकेशन ढूंढकर उसे 5-स्टार रेटिंग देनी है और स्क्रीनशॉट भेजना है। हर रेटिंग के बदले उन्हें 150 रुपए तुरंत दिए गए। जब फाइनेंसर को लगा कि यह घर बैठे कमाई का आसान तरीका है, तो ठगों ने उन्हें टेलीग्राम पर प्रो मेंबर ग्रुप में शामिल कर लिया। यहीं से असली खेल शुरू हुआ। उन्हें एक फर्जी वेबसाइट में निवेश करने को कहा गया। फाइनेंसर ने मुनाफे के चक्कर में 8.50 लाख रुपए गंवा दिए और जब 18 लाख का बैलेंस निकालने की बारी आई, तो ठगों ने 6 लाख की और मांग कर दी।
6 महीने की मेहनत के बाद जोधपुर से पकड़ाया आरोपी: राज्य साइबर सेल एसपी सव्यसाची सराफ और डीएसपी लीला मारोठ ने तकनीकी और बैंक अकाउंट से मिले सुराग के आधार पर राजस्थान के फलौदी और जोधपुर में सर्चिंग की और रूपाणा जोताणा निवासी गौतम पिता जेठाराम गोदारा को हिरासत में लिया। उससे लैपटॉप और मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। ठगी की राशि को सात अलग-अलग खातों में घुमाया गया था ताकि पुलिस को चकमा दिया जा सके।
चचेरे भाई त्रिलोक ने दलदल में धकेला नीट स्टूडेंट को: गौतम ने पुलिस को बताया कि वह कोटा में नीट की तैयारी कर चुका है और अब जोधपुर में पढ़ाई कर रहा है। चचेरे भाई त्रिलोक गोदारा ने कमीशन का लालच देकर उससे अलग-अलग बैंक खातों के आईडी-पासवर्ड और ओटीपी उपलब्ध कराकर रुपए ट्रांसफर करवाए। गौतम का काम सिर्फ इतना था कि जैसे ही खाते में पैसे आएं, उन्हें तुरंत दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया जाए। मुख्य आरोपी त्रिलोक फरार है। उसका मोबाइल स्विच ऑफ है।









