Advertisement

कुत्ते के काटने पर न बरते लापरवाही, तुरंत रैबिज इंजेक्शन लगवाएं, नहीं तो….

कुत्ते के काटने पर न बरते लापरवाही, तुरंत रैबिज इंजेक्शन लगवाएं, नहीं तो जा सकती है जान….

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:पालतू हो या आवारा किसी भी कुत्ते के काटने पर रैबिज का इंजेक्शन अवश्य लगवाएं अन्यथा संक्रमण फैलने पर इससे उत्पन्न होने वाली बीमारी का कोई उपचार भी नहीं है।पिछले दिनों जिला चिकित्सालय में रैबिज के मरीज को लेकर परिजन पहुंचे जिसे अस्पताल स्टाफ ने बडी मुश्किलों से हैंडल किया और इंदौर एमवाय भिजवाया था।

उक्त मरीज का ओपीडी उपचार करने वाली डॉ. अदिति सिंह ने बताया कि यह बीमारी जानलेवा होती है यदि कुत्ते के काटने के एक सप्ताह के अंदर व्यक्ति रैबिज का इंजेक्शन नहीं लगवाता है तो संक्रमण पूरे शहर में फैलने में देर नहीं लगती। हालांकि जिला अस्पताल में रैबीज से बचाव के लिये 36 हजार रूपये तक का इंजेक्शन उपलब्ध है लेकिन इसे भी संक्रमण फैलने से पहले ही मरीज को लगाया जाता है।

Advertisement

वार्ड में भर्ती मरीजों पर लपका

डॉ. अदिति सिंह ने बताया कि उक्त युवक के शरीर में संक्रमण इतना फैल चुका था कि उसे वार्ड तक ले जाने वाले कर्मचारी भयभीत थे। बडी मुश्किल से वार्ड में ले गये तो वह मरीजों को काटने के लिये लपका। डॉ. सिंह के अनुसार ऐसे मरीजों के लिये अलग से आइसोलेशन वार्ड होता है जो जिला चिकित्सालय में उपलब्ध नहीं है। हालत गंभीर होने पर उसे इंदौर रैफर किया गया।

Advertisement

इलाज नहीं करवाया, एक माह बाद दिखने लगा संक्रमण का असर

जिस दिन रैबीज के मरीज को लेकर परिजन जिला चिकित्सालय आये थे उसकी हालत बहुत गंभीर थी। उसे अस्पताल लेकर आये परिजनों को काटकर घायल कर चुका था। उटवास के रहने वाले मरीज के परिजनों ने डॉक्टर को बताया कि वह काम के सिलसिले में एक माह पहले दिल्ली गया था जहां उसे आवारा कुत्ते ने काटा था। उसने इसे गंभीरता से नहीं लिया और न ही रैबिज का इंजेक्शन लगवाया। करीब एक माह बाद संक्रमण असर दिखाने लगा और युवक कुत्ते जैसी हरकतें करने लगा। उसके मुंह से लार टपक रही थी। पानी देखकर घबराता और लोगों को काटने दौडता था।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें