चक्रतीर्थ पर ‘सुदर्शन चक्र’ का निर्माण, रफ्तार से चल रहा काम

चक्र की ऊंचाई करीब 15 मीटर और मुख्य चक्र का व्यास 6 मीटर प्रस्तावित

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। धार्मिक और पौराणिक महत्व के चक्रतीर्थ मुक्तिधाम पर प्रस्तावित 15 मीटर ऊंचे सुदर्शन चक्र की प्रतिमा के निर्माण की प्रक्रिया अब धरातल पर दिखाई देने लगी है। सिविल वर्क भी शुरू हो गया है जिससे यह स्पष्ट हो गया है कि योजना केवल कागजों में सीमित नहीं है। इसके निर्माण ने अब रफ्तार भी पकड़ ली है।
दरअसल, नगर निगम द्वारा तैयार करवाई गई संशोधित विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) के अनुसार यह प्रतिमा भगवान श्रीकृष्ण के सुदर्शन चक्र की प्रतीकात्मक भव्य संरचना होगी जिसकी ऊंचाई करीब 15 मीटर और मुख्य चक्र का व्यास ६ मीटर प्रस्तावित है। इसे आरसीसी स्ट्रक्चर में निर्मित कर ऊपर से एफआरपी से कवर किया जाएगा ताकि मजबूती के साथ खूबसूरती भी बनी रहे।
परियोजना की कुल लागत करीब 80 लाख रुपए आंकी गई है जिसमें सिविल कामों पर 44.85 लाख रुपए और एफआरपी सहित अन्य कामों पर करीब 20 लाख रुपए खर्च होंगे। सूत्रों के मुताबिक पूर्व में बारिश के दौरान नंदी की ओर स्थित रिटेनिंग वॉल के खिसकने के बाद सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता सामने आई थी। इसी के चलते डीपीआर में महत्वपूर्ण बदलाव किए गए।
अब प्रतिमा को मौजूदा दीवार से 16.5 मीटर की सुरक्षित दूरी पर स्थापित किया जा रहा है, जबकि लैंडस्केपिंग भी 10 मीटर दूर प्रस्तावित है। इसके अलावा संरचना की नींव पाइल फाउंडेशन पर बनाई जा रही है ताकि भूस्खलन जैसी परिस्थितियों में भी प्रतिमा सुरक्षित रहे। निगम संशोधित योजना के तहत आगे बढ़ रहा है लेकिन शुरुआत में इसकी गति धीमी थी लेकिन अब काम ने रफ्तार पकड़ ली है।
धार्मिक पर्यटन का नया आकर्षण होगी
कार्तिक मेला ग्राउंड, दत्तअखाड़ा गेट और छोटा पुल जैसे क्षेत्रों से दिखाई देने वाली सुदर्शन चक्र की इस प्रतिमा को धार्मिक पर्यटन का नया आकर्षण बनाने की योजना है। इसके निर्माण में संरचनात्मक सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है इसलिए हर चरण में तकनीकी परीक्षण और विशेषज्ञों की राय के बाद ही काम को आगे बढ़ाया जा रहा है।









