चैत्र नवरात्र… दीपों से टिमटिमा रहे मां के दरबार

दुर्गा सप्तशती पाठ और विशेष आरती से हो रही आराधना, मंदिरों में भक्तों की भीड़

उज्जैन। शक्ति की भक्ति के पावन पर्व चैत्र नवरात्रि में दैवीय मंदिर भक्ति की खुशबू से महक रहे हैं। शक्तिपीठ मां हरसिद्धि और गढ़कालिका मंदिर में जहां दीपमालिकाएं दीपों से जगमग हो रही हैं, वहीं अन्य मंदिर रोशनी से दमक रहे हैं। दुर्गा सप्तशती पाठ, धार्मिक अनुष्ठान और विशेष आरती से आराधना की जा रही है। रविवार को छुट्टी का दिन होने से अलसुबह से लेकर देर रात तक भक्तों की भीड़ मां के दर्शनों के लिए पहुंचती रही।
दरअसल, सनातन धर्म में नवरात्रि पर्व का विशेष महत्व है। सालभर में दो गुप्त नवरात्रि सहित चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि सहित ४ नवरात्रि मनाई जाती है। माघ और आषाढ़ माह में गुप्त नवरात्रि आती है। इसमें मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए 10 महाविद्याओं की पूजा की जाती है, जबकि चैत्र माह की नवरात्रि को चैत्र नवरात्रि एवं आश्विन माह में आने वाली नवरात्रि को शारदीय नवरात्रि कहा जाता है। इस दौरान मां दुर्गा के 9 अलग-अलग स्वरूपों की पूजा की जाती है। अंतिम दिन कन्याओं को भोजन करवाकर मां का आशीर्वाद लिया जाता है।
गर्भगृह में प्रवेश बंद : 52 शक्तिपीठों में से एक हरसिद्धि माता मंदिर में नवरात्रि में गर्भगृह में प्रवेश बंद है। मंदिर पर आकर्षक लाइटिंग की गई है। प्रतिदिन श्रद्धालुओं को फलाहारी खिचड़ी वितरित की जा रही है। दीपमालिकाएं जलाई जा रही हैं जिसके लिए श्रद्धालुओं ने जमकर बुकिंग करवाई है।
अखंड ज्योत प्रज्वलित
श्री छत्रेश्वरी चामुंडा माता मंदिर में अखंड ज्योत जल रही है। रोज हवन व दुर्गा सप्तशती का पाठ और सुबह एवं शाम 7.30 बजे महाआरती की जा रही है। रामनवमी पर 27 मार्च को मध्य रात्रि 12 बजे हवन किया जाएगा। इसके बाद 29 मार्च को कन्या पूजन किया जाएगा।
महाष्टमी पर आरती
महाकवि कालिदास की आराध्या मां गढ़कालिका के मंदिर में रोज मां का विशेष शृंगार किया जा रहा है। प्रतिदिन दीपमालिकाएं जलाई जा रही हैं। महाष्टमी पर रात 12 बजे आरती और दशमी पर 28 मार्च को भंडारा होगा जिसमें 5 से 7 हजार श्रद्धालु शामिल होंगे।
नगरकोट माता मंदिर में आस्था का संगम
अतिप्राचीन नगरकोट माता मंदिर में भी मां का विशेष शृंगार कर प्रतिदिन महाआरती की जा रही है। इसके अलावा धार्मिक अनुष्ठान का आयोजन भी किया जा रहा है। मंदिरों को रोशनी से सजाया गया है जो शाम होते ही जगमग हो जाता है। बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं।









