Advertisement

जांच समिति सदस्य इंतजार करते रहे, संविदा कार्यपालन यंत्री भार्गव बयान देने नहीं पहुंचे

नगर निगम की यौन उत्पीडऩ मामलों की कमेटी कर रही महिला उपयंत्री की शिकायत की जांच

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। यौन उत्पीडऩ के आरोपों से घिरे नगर निगम के संविदा कार्यपालन यंत्री पीयूष भार्गव का बयान लेने के लिए न्यायालय के आदेश पर गठित जांच समिति के सदस्य मंगलवार को इंतजार करते रहे लेकिन वह बयान देने नहीं पहुंचे। समक्ष मंगलवार को बयान दर्ज कराना थे। समिति सदस्य दो घंटे तक उनका इंतजार करते रहे, लेकिन बैठक में होने का हवाला देकर भार्गव पेश नहीं हुए। अब उन्हें दोबारा बयान के लिए बुलाया जाएगा।

भार्गव पर महिला सहकर्मी ने यौन उत्पीडऩ के आरोप लगाया है। इस संबंध में उन्होंने विभागीय, पुलिस में शिकायत की है, जबकि कोर्ट में परिवाद दायर किया है। मार्च 2025 से अब तक पुलिस जांच कर रही है और उसने चालान पेश नहीं किया है। विभागीय स्तर पर कमेटी जांच कर रिपोर्ट दे चुकी है लेकिन उसकी जांच से महिला उपयंत्री संतुष्ट नहीं हैं। उन्होंने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट के निर्देश पर फिर से जांच कमेटी बनाई गई है। इस समिति ने ही मंगलवार शाम 4 बजे भार्गव को बुलाया था। सभी 5 सदस्य शाम 6 बजे तक इंतजार करते रहे लेकिन भार्गव नहीं पहुंचे। समय पूरा होने के बाद समिति सदस्यों ने भार्गव से संपर्क किया तो उन्होंने सिंहस्थ कार्यों की बैठक में होने का हवाला दिया। समिति की अध्यक्षता सहायक लेखाधिकारी सरिता मांडरे कर रही हैं।

Advertisement

उपायुक्त योगेंद्रसिंह पटेल, महिला एवं बाल विकास परियोजना अधिकारी एवं वन स्टॉप सेंटर की प्रशासक वीणा बोरासी, सामाजिक सुरक्षा अधिकारी श्वेता यादव और सहायक ग्रेड-1 अधिकारी मंगला सिसोदिया सदस्य है। इस संबंध में पीयूष भार्गव से बात नहीं हो सकी।

Advertisement

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें