जिला अस्पताल में बिजली के बोर्ड उखड़े, स्वीच भी टूटे

वार्डों में एलईडी टीवी लगने के बाद से आज तक चले ही नहीं
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अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन जिला चिकित्सालय के वार्डों में बिजली के बोर्ड उखड़ चुके हैं, जालियां टूटी हैं और यहां के टीवी लगने के बाद से कभी चालू नहीं हुए। अस्पताल प्रशासन द्वारा मेंटेनेंस पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
अस्पताल के बी वार्ड पुरुष सर्जिकल का विद्युत बोर्ड दीवार से उखड़कर लटक गया है। ए वार्ड महिला सर्जिकल में बिजली बोर्ड पर लगा स्वीच टूटा है।

इन वार्डों में लगे एलईडी टीवी लगने के बाद से ही चालू नहीं हुए। जिला चिकित्सालय में इलेक्ट्रिशियन के पद पर एक व्यक्ति पदस्थ है जिसकी जिम्मेदारी है वार्डों सहित अस्पताल परिसर के सभी भवनों में विद्युत समस्या का सुधार करे लेकिन उसके द्वारा वार्डों की विद्युत समस्या पर ध्यान नहीं दिया जा रहा, जबकि वार्डों की गैलरी में लगी मच्छर जालियां भी जंग लगने के बाद टूट चुकी हैं जिनमें से मच्छर, मक्खी वार्डों में घुसते हैं। वार्डों में भर्ती मरीजों ने बताया कि अस्पताल प्रशासन द्वारा एलईडी टीवी लगाये गये हैं लेकिन यह क्यों लगे हैं इसका पता नहीं और आज तक कभी चालू भी नहीं हुए।
ओपीडी की टोकन मशीन 4 दिन चलने के बाद बंद
शासन द्वारा मरीजों की सुविधा के मद्देनजर लाखों रुपयों के संसाधन स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराये जाते हैं लेकिन इनका सदुपयोग नहीं होता और कुछ दिन चलने के बाद हमेशा के लिये बंद हो जाते हैं। ओपीडी में मरीजों के पर्चे बनाने का काम होता है। यहां पर मरीजों व उनके परिजनों की लंबी कतार लगने के कारण उन्हें देर तक पर्चा बनवाने का इंतजार करना पड़ता है। शासन द्वारा यहां पर अत्याधुनिक टोकन मशीन लगाई थी। साथ ही डिस्प्ले के लिये एलईडी टीवी भी लगाया गया था। फिलहाल दोनों उपकरण बंद पड़े हैं। इनको सुधारने के लिये अस्पताल प्रशासन द्वारा कोई कार्रवाई तक नहीं की जा रही है।
वार्डों में एलईडी लगी है… मुझे पता ही नहीं: आरएमओ
बी वार्ड में बिजली का बोर्ड उखड़ा था जिसे ठीक कराने को कहा गया है। ओपीडी में लगी टोकन मशीन और एलईडी को ठीक करने के लिये दिल्ली से मैकेनिक आएंगे। वार्डों में भी एलईडी लगी है और बंद पड़ी है इसकी जानकारी मुझे नहीं है।
डॉ. नीतराज गौड़, आरएमओ









