पांचवां मकान भरभराकर गिरा ढाबा रोड पर

ढाबा रोड पर चौड़ीकरण में आधा घर टूटने से पुराने मकानों की बुनियाद पड़ी कमजोर
अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। ढाबा रोड पर चल रहे चौड़ीकरण कार्य के दौरान सोमवार रात श्री गेबी हनुमान मंदिर के पास स्थित चार मंजिला मकान ताश के पत्तों की तरह भरभराकर गिर गया। गनीमत रही कि मकान गिरते समय बिजली के मजबूत तारों पर अटक गए, जिससे सामने वाले घर इसकी चपेट में आने से बच गए। घटना के बाद पूरे इलाके की बिजली गुल हो गई और अफरा-तफरी मच गई। लोगों का कहना है कि यह पांचवा मकान है जो चौड़ीकरण शुरू होने के बाद गिरा है। इसके पहले अल्ताफ, अली भाई, कालू भावसार व एक अन्य का मकान चौड़ीकरण के दौरान बुनियाद कमजोर होने के कारण गिर चुके हैं।
सोमवार को गिरे मकान जकीयुद्दीन शकरुवाला का था। भवन स्वामी जकीयुद्दीन ने बताया कि उनका मकान मात्र 15 साल पुराना था। 40 दिन पहले पोकलेन से की गई तुड़ाई और उसके बाद नाली निर्माण के लिए खोदे गए गड्ढे में हफ्तों पानी भरा रहने से नींव पूरी तरह कमजोर हो गई। दोपहर में स्थिति बिगडऩे पर मजदूरों ने काम बंद कर दिया था, लेकिन सुरक्षा के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं किए गए। रात करीब 7.30 बजे जैसे ही मकान गिरा, बिजली के तारों से तेज चिंगारियां निकलीं और क्षेत्र अंधेरे में डूब गया। क्षेत्रवासियों ने बताया कि यदि बिजली की केबल मजबूत नहीं होती, तो गिरते हुए भवन सड़क के दूसरी ओर बने मकानों को अपनी चपेट में ले लेते।
रहवासियों ने कहा : अव्यवस्थाओं के कारण हो रहे हादसे
रहवासी रवि, सैफी, नीलेश आदि ने बताया कि ढाबा रोड पर अधिकतर मकान पुराने हैं। तकनीकी रूप से ये मकान नींव पर टिके हैं। चौड़ीकरण में इन मकानों को तोउ़कर आधा कर दिया। ऐसे में इनकी बुनियाद कमजोर हो गई और पूरा स्ट्रक्चर डिस्टर्ब हो गया। रही-सही कसर अव्यवस्थाओं ने पूरी कर दी। यहां नाली और नलों का पानी मिक्स होकर पूरे रोड पर बह रहा है। यह पानी बचे हुए मकान की नींव में भी जा रहा है। जिससे नींव कमजोर हो रही है और मकानों के अस्तित्व पर खतरा बन रही है।
सोमवार को हो हादसा हुआ है यह मकान गिरने की पांचवी घटना है। पहले चार मकान भी बुनियाद कमजोर होने के कारण गिरे हैं। एक तरफ जहां क्षेत्रवासी इसे बड़ी लापरवाही बता रहे हैं, वहीं नगर निगम ने दावा किया है कि यह कोई हादसा नहीं, बल्कि अधिकारियों की निगरानी में सुरक्षा और सावधानी के साथ गिराऊ भवन को हटाने की सोची-समझी कार्रवाई थी।
नाली में पाइप लगाकर ले रहे हैं पेयजल
रहवासियों ने बताया कि तोडफ़ोड़ के कारण नलों की लाइन और नालियां जर्जर हो चुकी हैं। हालात यह हें कि नलों की टूटी लाइन नालियों से गुजर रही है। इन्हीं में जैसे-तैसे पाइप लगाकर घरों में पेयजल लिया जा रहा है। टूटे मकानों का मलवा भी नगर निगम ने अभी तक नहीं हटाया है। ऐसे में घर आते-जाते वक्त रोज रहवासी यहां फिसलकर गिर रहे हैं।
View this post on Instagram









