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प्रदेश की 230 मंडियां बंद होंगी, थमेगा 100 करोड़ का कारोबार…

उज्जैन मंडी बंद रहने से रोज 20 करोड़ रु. का रेवेन्यू रुका

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अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन मध्यप्रदेश की सभी मंडियों में 4 सितंबर से अनाज व्यापारियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल टलने के आसार अभी बने नहीं है। रविवार तक कोई हल नहीं निकला तो प्रदेश की सभी मंडियां बंद हो जाएंगी। व्यापारी किसानों का अनाज खरीदना बंद कर देंगे। इससे प्रदेश में रोज का 100 करोड़ रुपयों से अधिक का कारोबार थम जाएगा।

मंडी अधिनियम की विसंगतियों से नाराज प्रदेश के मंडी व्यापारी भी अपने फैसले से पीछे हटने को तैयार नहीं हैं। मंडी व्यापारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष गोपालदास अग्रवाल ने बताया हम हड़ताल के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। प्रदेश की सभी छोटी बड़ी 230 मंडियों में व्यापारी अनाज की खरीददारी नहीं करेंगे। इससे मंडी के कामकाज ठप हो जाएंगे। गणेश चतुर्थी से शुरू होने वाले त्योहारी सीजन से पहले होने वाली हड़ताल का असर प्रदेश की अर्थव्यवस्था पर पडऩे की भी आशंका है। रोज 100 करोड़ रुपयों से अधिक का कारोबार थमने के आसार दिखाई दे रहे।

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पूर्व सीएम कमलनाथ मंडी व्यापारियों से करेंगे बात…?

हड़ताल शुरू होने से पहले कांग्रेस की एंट्री भी हो गई है। विधानसभा चुनाव की तैयारी में जुटे पूर्व सीएम कमलनाथ मंडी व्यापारियों से संपर्क में हैं। वे महासंघ से बात कर मामले को राजनीतिक रंग दे सकते हैं। इससे भी हड़ताल की घोषणा से प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।

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उज्जैन में 10 दिनों से जारी हड़ताल

उज्जैन कृषि उपज मंडी में पिछले दस दिनों से मंडी व्यापारी हड़ताल पर हैं। इस कारण अब तक करीब 20 करोड़ रुपयों का कारोबार थम गया है। व्यापारियों की मानें तो रोज करीब 2 करोड़ रुपयों से ज्यादा का कारोबार ठप पड़ गया है।

प्रदेश की 230 मंडियां बंद होंगी

मंडी व्यापारी संघ के अध्यक्ष गोविंद खंडेलवाल के अनुसार मंडी की विसंगतियों से व्यापारी इतना आक्रोशित है कि वह अपने कदम पीछे लेने को तैयार नहीं। संघ में कार्यक्रम संयोजक राजेंद्र राठौर ने बताया हड़ताल से हम्माल बेरोजगार हो गए हैं। मंडी में नई सोयाबीन आने वाली है और हड़ताल के कारण इसकी खरीदी नहीं होने से अर्थव्यवथा की कमर टूट सकती है।

सफाई बंद, जगह जगह कूड़े के ढेर
उज्जैन जिला मुख्यालय की कृषि उपज मंडी में एक पखवाड़े से सफाई बंद हो गई है। इससे भी हालात खराब हो गए हैं। मंडी प्रांगण में बीमारियों का अंदेशा उत्पन्न हो गया है। व्यापारी संघ उपाध्यक्ष मनीष जैन गाबड़ी ने बताया सफाई ठेकेदार काम नहीं कर रहा है। इसका विकल्प भी मंडी समिति नही कर पा रही। शुजालपुर के ठेकेदार ने सफाई का ठेका ले रखा है, जिसके पास पर्याप्त संसाधन ही नहीं। इससे सफाई व्यवस्था पूरी तरह से बिगड़ गई है।

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