Advertisement

बाबा Mahakal को बांधी गई सबसे पहली राखी, सवा लाख लड्डुओं का लगा भोग 

उज्जैन में हर त्योहार सबसे पहले महाकालेश्वर मंदिर में मनाया जाता है, आज रक्षाबंधन पर्व पर भस्म आरती में सबसे पहले भगवान महाकाल को राखी अर्पित की गई।

Advertisement

पुजारी परिवार की महिलाओं ने ही इमिटेशन रत्न जड़‍ित मोरपंखी यह राखी बनाई है। चार फीट की यह राखी शैव और वैष्णव परंपरा के समन्वय का प्रतिनिधित्व कर रही है।

Advertisement

भगवान शिव भगवान श्रीकृष्ण के आराध्य हैं। इसीलिए भगवान महाकाल को मोरपंख की राखी बांधी गई है।रक्षाबंधन पर भगवान महाकाल को राखी बांधने के बाद सवा लाख लड्डुओं का भोग लगाया गया। मान्यता है कि श्रावण माह में उपवास करने के बाद रक्षाबंधन के दिन महाकाल के अर्पित किए गए लड्डू प्रसाद लेकर उपवास का समापन होता है।

Advertisement

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें