Advertisement

मना करने के बावजूद बच्चे क्यों करते हैं वही काम…

बढ़ती उम्र के बच्चों में कई तरह के बदलाव आते हैं। इनमें से एक है माता-पिता की बातों का विरोध करना। बच्चों की लाइफ में एक ऐसा फेज आता है, जब आप उन्हें जो कहते हैं, वे उसके ठीक विपरीत काम करते हैं। जैसे अगर आप उन्हें सोने के लिए कहें, तो वे देर रात तक जागोगे। जब आप पढऩे के लिए कहेंगे, तो वे अन्य चीजों में इंवॉल्व हो जाएंगे।

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe

Advertisement

ऐसी स्थिति में माता-पिता की शिकायत रहती है कि बच्चा बात नहीं सुनता और हम जिस चीज के लिए मना करते हैं, वह जरूर करता है। हालांकि, बच्चों में माता-पिता की बात न मानना आम बात है, लेकिन अगर आपका बच्चा हर बात पर आपका विरोध कर रहा है, तो माता-पिता को इस बात की फिक्र होने लगती है कि वास्तव में उनका बच्चा नॉर्मल है या नहीं।  इसमें उन्होंने बताया है कि बच्चे ऐसा व्यवहार क्यों करते हैं।

शब्दों का असर
अगर आपका बच्चा भी आपके कहने के उलट काम करता है, तो टेंशन न लें। क्योंकि प्रॉब्लम न तो बच्चे में हैं और न ही आप में। प्रॉब्लम है आपके शब्दों में। जिन शब्दों का इस्तेमाल आप करते हैं, वो बच्चे को उसके उलट काम करने के लिए मजबूर करते हैं, क्योंकि बच्चों को पता ही नहीं होता ये अच्छा काम है या नहीं लेकिन जब उन्हें हम बार बार मना करते है कि नहीं करना है तो नहीं से ज्यादा प्रभावी शब्द वो उन्हें लगता है जिसके लिए हम मना कर रहे होते है।

Advertisement

विकल्प न देना
मान लीजिए आपने बच्चे से कहा कि सोफे पर न कूदें। तो बच्चे को पता है कि सोफे पर नहीं कूदना, तो आखिर वे कहां जंप करें। आपने तो उन्हें कोई विकल्प दिया ही नहीं। अगर आप उनसे कह दें कि अगर आपको कूदना है तो ट्रैंपोलिन पर जाएं, तो वह सोफे पर कूदना बंद कर देगा। उसी तरह अगर आपने कहा कि यहां पानी मत फैलाओ। अगर पानी फैलाना है, तो बाथरूम में जाओ। तो ऐसे में बच्चे के पास विकल्प है। विकल्प होंगे, तो वी ठीक वैसा ही करेगा, जैसा आपने उससे करने कहा है।

यह भी हैं वजहें
कभी-कभी बच्चे आपका पेशंस लेवल टेस्ट करना चाहते हैं। इसलिए आप जो कहते हैं उसके विपरीत काम करते हैं। हो सकता है कि इसके पीछे उनका कोई गलत इरादा न हो, लेकिन वे केवल यह देखना चाहते हैं कि आप उनके अजीब व्यवहार को कब तक झेल सकते हैं।

Advertisement

एक्सप्लोर करने दें
बच्चे अपने गलतियों से ही सीखना पसंद करते हैं। कभी-कभी, उन्हें ऐसे ही रहने देना उनमें सकारात्मक बदलाव लाने का एक अच्छा तरीका है। दूसरी तरफ, उन्हें हमेशा सबक सिखाना या उन पर गुस्सा करना उन्हें जिद्दी बना सकता है।

बच्चों के आदर्श बनें- आपके बच्चे आपको अपना आदर्श मानते हैं। उन्हें अच्छा व्यवहार सिखाने के लिए आपको भी सबके साथ अच्छा व्यवहार और अच्छे से बात करनी चाहिए।

उन्हें समझाएं- अगर बच्चा आपकी बात नहीं मानता, तो उसे समझाना जरूरी है कि उनका व्यवहार आसपास के लोगों पर कैसे प्रभाव डालता है। उनके साथ समय बिताएं। आप जल्द ही उनके रवैये में पॉजिटिव चेंज देखेंगी।

उनकी बात सुनें- बच्चों के मन में कई बातें चल रहे होती हैं। माता-पिता के रूप में यह महत्वपूर्ण है कि हम उनकी बात सुनें। जब वे खुद को अभिव्यक्त करते हैं, तो न केवल हम उनके व्यवहार के कारणों को समझ पाते हैं बल्कि इससे उन्हें आपके साथ अपनी बातें शेयर करने के लिए अच्छा स्पेस मिल जाता है।

Related Articles

📢 पूरी खबर पढ़ने के लिए

बेहतर अनुभव के लिए ऐप का उपयोग करें

ऐप में पढ़ें
ऐप खोलें
ब्राउज़र में जारी रखें