Advertisement

महाकाल मंदिर क्षेत्र की होटलों पर गलत नाम तो FIR!

बोर्ड पर संचालक का नाम जरूरी करने का प्रस्ताव,

Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!

Advertisement

कार्तिक मेले में इस बार दुकानें और झूले के ऑनलाइन टेंडर होंगे

महाकाल मंदिर क्षेत्र की होटलों पर गलत नाम तो एफआईआर!

Advertisement

अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन:महाकाल मंदिर क्षेत्र की होटलों के बोर्ड पर संचालक या प्रोपराइटर का नाम जरूरी होगा। बोर्ड पर नाम गलत लिखा मिलने पर एफआईआर जैसी कार्रवाई हो सकती है। कार्तिक मेला इस बार पूर्ण स्वरूप में लगेगा। दुकानें और झूले के टेंडर ऑनलाइन होंगे।

बुधवार को यह प्रस्ताव महापौर मुकेश टटवाल की अध्यक्षता में हुई राजस्व समिति की बैठक में रखा गया। महापौर टटवाल द्वारा निगम के कामों को बेहतर तरीके से रफ्तार देने की दिशा में काम किया जा रहा है। इसी सिलसिले में बुधवार को महापौर विश्रामगृह कार्यालय पर राजस्व समिति की बैठक में राजस्व बढ़ाने के मुद्दों पर मंथन किया गया। समिति अध्यक्ष रजत मेहता ने प्रस्ताव रखा कि महाकाल मंदिर क्षेत्र की सभी होटलों और गेस्ट हाउस पर प्रोपराइटर, संचालकों या मालिक के नाम के साथ मोबाइल नंबर लिखना अनिवार्य किया जाए। निगम अपने खातों से इसकी जांच भी करे ताकि गलत नाम लिखने या उल्लंघन होने पर एफआईआर दर्ज कराई जा सके। बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की संभावना है। निगम द्वारा इसको लेकर पहले भी आदेश जारी किया जा चुका है, लेकिन उसका पालन नहीं हो सका। नगर सरकार अब इसको लेकर गंभीर हो गई है।

Advertisement

एक विभाग, चार अफसरों के हस्ताक्षर, अटक रहे काम

बैठक में बताया कि राजस्व समिति विभाग से संबंधित चार अफसर हैं। इस कारण एक फाइल पर चार अफसरों के हस्ताक्षर कराना पड़ते हैं। इस कारण विभाग की कई फाइलें पेंडिंग हो गईं हैं और लोग परेशान हो रहे। समिति प्रभारी ने विभाग के लिए एक ही अफसर को जिम्मेदार बनाने का प्रस्ताव रखा ताकि एक अफसर के हस्ताक्षर से फाइलें रुकें नहीं। इस मामले में महापौर और निगमायुक्त कोई फैसला करेंगे। बैठक में अपर आयुक्त आरएस मंडलोई सहित सुनील जैन सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

कार्तिक मेले में बड़ी कंपनियों को बुलाएंगे

बैठक में तय किया कि कार्तिक मेले की दुकान एमपी ऑनलाइन की टेंडर के माध्यम से दी जाएगी।

इस बार का कार्तिक मेला पारदर्शिता के साथ लगाया जाएगा।

मेला पहले दिन से ही अपने पूर्ण स्वरूप में लगेगा।

मेला अधिकारी एवं टीम का गठन किया जाएगा।

सितंबर तक दुकानों का आवंटन भी पूर्ण कर लिया जाएगा।

सुरक्षा की दृष्टि से प्राइवेट सिक्योरिटी एजेंसी के भी टेंडर किए जाएंगे।

बड़ी-बड़ी कंपनियों को भी कार्तिक मेले में आमंत्रित किया जाएगा।

झूले भी ऑनलाइन ही आवंटित किए जाएंगे।

Related Articles

Write a review