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सिंहस्थ के लिए दिए 3060 करोड़, निखरेगा उज्जैन

मध्यप्रदेश बना रोलिंग बजट प्रस्तुत करने वाला देश का पहला राज्य, 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए का बजट पेश

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1055 करोड़ रुपए ज्यादा है यह राशि पिछले बजट की तुलना में

मप्र सरकार का बजट उज्जैन के लिए खास रहा है। बजट में सिंहस्थ के लिए 3 हजार 60 करोड़ रु. का प्रावधान किया है। इस राशि से उज्जैन का स्वरूप और बेहतर होगा।

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ये राशि पिछले बजट की तुलना में 1055 करोड़ रुपए ज्यादा है। अब तक सरकार सिंहस्थ के लिए 5570 करोड़ रुपए का प्रावधान कर चुकी है। वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने अपने बजट भाषण में जिक्र किया कि सिंहस्थ के लिए पहले से ही 13 हजार 851 करोड़ के काम स्वीकृत किए जा चुके हैं। अलग-अलग विभागों के काम चल भी रहे हैं। घाटों की मरम्मत, पुल, सड़कों के अपग्रेडेशन के काम तेजी से चल रहे हैं। आयोजन के लिए बनी कैबिनेट सब कमेटी अब तक 10 विभिन्न विभागों के 128 प्रोजेक्ट्स को मंजूरी दे चुकी है, जिनकी कुल अनुमानित लागत 13,752 करोड़ है। इनमें सबसे ज्यादा 42 प्रोजेक्ट नगरीय विकास एवं आवास विभाग के जिम्मे हैं। जिनमें 33 प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो चुका है।

केंद्र की तर्ज पर नगरीय निकायों के लिए कमाई के मॉडल खोले

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नगरीय निकायों के नए रेवेन्यू मॉडल के बारे में वित्त मंत्री ने इनविट, रीट और वैल्यू कैप्चर फंड का जिक्र किया है। इनविट और रीट मॉडल से तैयार परिसंपत्तियों में निवेशकों की भागीदारी सुनिश्चित की जाएगी। वहीं, वैल्यू कैप्चर फंड के जरिए विकास कार्यों से बढ़ी जमीन की कीमत का एक हिस्सा नगरीय निकाय स्वयं जुटा सकेंगे। नगरीय निकायों को म्युनिसिपल बॉन्ड जारी करने के लिए भी प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि वे बाजार से संसाधन जुटा सकें। सामाजिक क्षेत्र की योजनाओं के लिए प्रदेश का पहला सोशल इम्पैक्ट बॉन्ड शीघ्र नेशनल स्टॉक एक्सचेंज के सोशल स्टॉक एक्सचेंज पर सूचीबद्ध होने वाला है। केंद्र सरकार ने हालिया बजट में इसी मॉडल का ऐलान किया था।

लाड़ली बहना की राशि वही, लेकिन बजट करीब 28% बढ़ाया

लाड़ली बहना योजना का बजट 18,669 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 23,882 करोड़ रुपए किया गया है। यानी 27.94त्न की बढ़ोतरी। लाड़ली बहना में 1.25 करोड़ महिलाओं को हर माह 1500 रुपए दिए जाते हैं। लाड़ली बहना को राज्य में नारी कल्याण से जुड़ी योजनाओं के लिए कुल 1.27 लाख बजट में से 19त्न आबंटिता आंगनबाडिय़ों में 19,000 से अधिक पदों पर भतीं की जा रही है।

65 हजार+भर्तियां… इनमें 15 हजार शिक्षक 22,500 पुलिसकर्मी
प्राथमिक, माध्यमिक व उच्चतर माध्यमिक स्तर पर 15 हजार शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में है। एसटी के शैक्षणिक संस्थानों में 4,485 शिक्षकों की भर्ती अभी प्रक्रिया में है। स्वास्थ्य में 3,850 डॉक्टर्स और 1,256 नर्सिंग अधिकारियों की भर्ती प्रक्रिया में है। इसके अलावा पुलिस विभाग में नई भर्ती 22,500 पदों पर चरणबद्ध
तरीके से हो रही है।

किसान कल्याण वर्ष… 1.15 लाख करोड़ का बजट, 41 लाख को लोन
सरकार ने 2026-27 को कृषि वर्ष घोषित किया है। इससे जुड़े विभागों को मिलाकर बजट में कुल 1.15 लाख करोड़ किया। 41 लाख किसानों को शून्य फीसदी ब्याज पर 25 हजार करोड़ कृषि ऋण। इस पर 720 करोड़ के ब्याज की भी व्यवस्था की है। किसानों को बिजली सब्सिडी के लिए 20,485 करोड़ भी रखे गए हैं। पशुपालन, जैविक, प्राकृतिक खेती भी बजट में शामिल।

सबसे ज्यादा प्रोजेक्ट और पैसा इंदौर-उज्जैन को

उज्जैन : 500 करोड़ से बनेंगे रोड

सिंहस्थ की तैयारी के लिए 3,060 करोड़ का प्रावधान। 1000 करोड़ लागत से उज्जैन शहर में एलिवेटेड कॉरिडोर निर्माण। साथ ही स्मार्ट सिटी के लिए 40 करोड़। उज्जैन जिले में विभिन्न रोड के लिए 500 करोड़ आवंटन मंदसौर में जावद-नीमच माइक्रो सिंचाई प्रोजेक्ट को 150 करोड़ व मल्हारगढ़ सिंचाई प्रोजेक्ट के लिए 150 करोड़। शाजापुर में पोलायकलां नयापुरा मार्ग के लिए 70 करोड़। रतलाम में ताल-मल्हारगढ़ मार्ग के लिए 52 करोड़ रखे हैं।

इंदौर : इकोनॉमिक कॉरिडोर खास

इंदौर-पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के लिए 2,360 करोड़ का प्रावधान। साथ ही पीथमपुर-माचल-अटाहडे-गिरोता मार्ग (63 किमी) के लिए 170 करोड़। उद्वहन माइक्रो सिंचाई योजना में सेंधवा को 500 करोड़, खंडवा के लिए 300 करोड़ व सांवेर के लिए 400 करोड़ बड़वानी-भवती-मोरकट्टा-झरकल नदी से महाराष्ट्र सीमा तक मार्ग के लिए 170 करोड़। झाबुआ में राजगढ़ पारा रानापुर पिटोल टू-लेन मार्ग के लिए 225 करोड़ रखे हैं।

भोपाल: बड़े सिंचाई प्रोजेक्ट

सीहोर में पार्वती रिंसी प्रोजेक्ट और सुथालिया वृहद सिंचाई प्रोजेक्ट के लिए 100-100 करोड़। अभियंता प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान भवन के लिए 200 करोड़। विदिशा में करारिया-शमशाबाद मार्ग के लिए 75 करोड़। राजगढ़ में सारंगपुर-संडावता मार्ग के लिए 75 करोड़। सीहोर में मालीवायां-वीरपुर रोड के लिए 75 करोड़। नसरुल्लागंज-रेहटी-बुधनी मार्ग 40 करोड़। रायसेन में सिलवानी-उदयपुरा मार्ग के लिए 40 करोड़ रखे हैं।

मध्यप्रदेश के सपने को पूरा करेगा बजट : सीएम डॉ. यादव

भोपाल। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ज्ञान आधारित विकास के संकल्प के साथ मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी शक्ति के कल्याण के ज्ञान के संकल्प में हमारी सरकार ने अब इंडस्ट्री और इंफ्रास्ट्रक्चर के ढ्ढ को भी शामिल किया है। वर्ष 2026-27 के लिए प्रदेश का यह बजट ज्ञानी मार्गदर्शी सिद्धान्त पर तैयार किया गया है। वर्ष 2026-27 के 4 लाख 38 हजार 317 करोड़ रुपए के बजट में विकास के लिए पर्याप्त धन राशि रखी गई है, यह विकास और जनकल्याण के संकल्प की पूर्ति का परिचायक है।

यह बजट समृद्ध मध्यप्रदेश, सम्पन्न मध्यप्रदेश, सुखद मध्यप्रदेश, सांस्कृतिक मध्यप्रदेश के सपने को साकार करने वाला है। पिछले वर्ष की तरह इस बार भी प्रदेश की जनता पर किसी नए कर बोझ नहीं डाला गया है। उज्जैन सिंहस्थ के लिए बजट में ३०६० करोड़ रुपए का प्रावधान इस बार किया गया है। मुख्यमंत्री ने विधानसभा में वर्ष 2026-27 का बजट प्रस्तुत होने के बाद यह विचार व्यक्त किए। सीएम ने कहा कि राज्य सरकार ने रोलिंग बजट को अपनाते हुए वार्षिक बजट को दीर्घकालिक दृष्टि से जोड़ा है।

रोलिंग बजट प्रस्तुत करने वाला संभवत: मध्यप्रदेश, देश का पहला राज्य है। इस बजट से अगले तीन वर्ष के विकास का खाका खींचा जाएगा और यह बजट विकास के लिए सतत् रूप से पर्याप्त धन राशि उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेगा। यह बजट अमृतकाल 2047 के लिए विकास का पैमाना सिद्ध होगा। वर्ष 2026-27 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 18 लाख 48 हजार 274 करोड़ रुपए अनुमानित है, जो वर्ष 2025-26 के अनुमान में 10.69 प्रतिशत अधिक है। सीएम ने कहा कि मप्र की प्रति व्यक्ति आय में 2024-25 की तुलना में 2025-26 में 9 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। वर्ष 2026-27 में पूंजीगत परिव्यय राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.80 प्रतिशत अनुमानित है।

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