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म्यूल अकाउंट के जरिए लाखों रुपए की ठगी

पुलिस की सतर्कता से खुला राज, देवासगेट थाने में दो प्रकरण दर्ज

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उज्जैन। ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी में इस्तेमाल होने वाले म्यूल बैंक अकाउंट के जरिए शहर में तीन खाताधारकों ने लाखों रुपए की ठगी की वारदात को अंजाम दिया है। पुलिस की सतर्कता की वजह से यह राज खुला। सायबर टीम ने जांच की और देवासगेट थाने में तीन खाताधारकों के खिलाफ अपराध दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों के नाम प्रमोद अहिरवार, राम अहिरवार और करण अहिरवार है। तीनों ही गुना जिले की राधौगढ़ तहसील के बाला बैंत गांव के रहने वाले है।

देवासगेट थाना प्रभारी अनिला पाराशर के मुताबिक इन्होंने उज्जैन में दो अलग-अलग फर्जी फर्म दर्शाते हुए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की माधव कॉलेज ब्रांच में दो अलग-अलग म्यूल अकाउंट खुलवाए थे। इन खातों का इस्तेमाल सायबर ठगी के लिए किया गया। दोनों ही खातों में एक साल की अवधि में 13 लाख 60 हजार रुपए का ट्रांजेक्शन पाया गया है। आरोपी प्रमोद अहिरवार ने शास्त्रीनगर उज्जैन में प्रमोद ट्रेडर्स के नाम से फर्म दर्शाकर खाता खुलवाया था, जबकि आरोपी राम और करण अहिरवार ने शांतिनगर में श्रीराम किराना स्टोर फर्म बताकर बैंक में खाता खुलवाया था।

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ऑपरेशन मेट्रिक्स में खुला राज: ऑनलाइन साइबर ठगी के बढ़ते मामलों पर निगाह रखने के लिए पुलिस द्वारा प्रदेश में म्यूल अकाउंट ट्रैकिंग, रिमूवल, इन्वेस्टिगेशन, एक्सरसाइज( ऑपरेशन मेट्रिक्स) चलाया जा रहा है। इस ऑपरेशन में सभी बैंक से ऐसे खातों की जानकारी निकलवाई गई है जिनमें संदेहास्पद लेन-देन सामने आया है। इसी ऑपरेशन के दौरान उज्जैन पुलिस की सायबर टीम को स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की माधव कॉलेज ब्रांच से दो म्यूल उकाउंट की जानकारी मिली थी।

सतर्कता के बाद भी नहीं थम रही वारदात

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 नागदा की आदिनाथ कॉलोनी में रहने वाले सलीम पिता बाबू खां मेवाती के साथ 42 हजार 990 रुपए की ऑनलाइन ठगी हो गई है। सलीम को जियो वाइफाई के 2221 रुपए रिफंड चाहिए थे। उन्होंने ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी की, इस प्रक्रिया में वे सायबर ठगों के झांसे में आ गए। ठग ने वॉट्सएप पर क्यूआर कोड भेजा जिसे स्कैन करते ही रिफंड आना तो दूर उल्टे खुद के खाते से 42, 990 रुपए चले गए।

ऋषिनगर उज्जैन में रहने वाले 51 वर्षीय शैलेष पिता रामचंद्र मनाना के मोबाइल पर किसी अज्ञात व्यक्ति ने एक लिंक भेजी थी। अनजाने नंबर से आई इस लिंक पर क्लिक करते ही उनके बैंक खाते से 1 लाख 67 हजार 53 रुपए निकलकर किसी और अंजान अकाउंट में चले गए।

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