विधायक के सामुदायिक भवन स्थल बदलाव का प्रस्ताव एमआईसी को लौटाया, 7 मंजूर

अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। करीब दो महीने बाद हुए नगरनिगम सम्मेलन में उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा का सामुदायिक भवन के स्थल में बदलाव करने का प्रसव पुर्नविचार के लिए एमआईसी को लौटा दिया गया। श्री महाकाल लोक परिसर में नवनिर्मित पुल का नामकरण अशोक सेतु करने सहित 7 प्रस्ताव पर मोहर लगाई गई। रुद्रसागर स्थित यह पुल शक्तिपथ से मानसरोवर गेट को जोड़ता है।

सोमवार को निगम अध्यक्ष कलावती यादव की अध्यक्षता, महापौर मुकेश टटवाल और निगमायुक्त अभिलाष मिश्रा की उपस्थिति में निगम सम्मेलन आयोजित किया गया था। महिला दिवस, होली, रंगपंचमी की शुभकामनाएं और भारतीय क्रिकेट टीम को टी-20 विश्व कप की जीत पर बधाई से सम्मेलन की शुरुआत हुई।
परिषद ने आठ में से 7 प्रस्ताव तो ताबड़तोड़ मंजूर कर दिए लेकिन वार्ड 3 से वार्ड 17 में ट्रांसफर होने वाले उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा के प्रस्ताव पर जमकर बहस हुई। करीब 6 महीने पहले मुख्यमंत्री अधोसरंचना से स्वीकृत 50 लाख की राशि वाले सामुदायिक भवन के लिए वार्ड 3 में जगह नहीं है। ऐसे में इस भवन को वार्ड 17 में हाउसिंग बोर्ड के कम्युनिटी हॉल की जगह शिफ्ट करने का प्रस्ताव एमआईसी ने विधायक की अनुशंसा पर रखा था।
वार्ड 3 से भाजपा के पार्षद पंकज चौधरी ने वार्ड 2 के पार्षद हेमंत गेहलोत के अनुमोदन से भवन का ट्रांसफर नहीं करने का पूरक प्रस्ताव लगाया था। इस पर चर्चा से पहले ही प्रस्ताव वापस लिए जाने की बात हुई तो नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने मोर्चा खोल दिया। उन्होंने पार्षद माया राजेश त्रिवेदी के साथ मिलकर विधायक की घेराबंदी की। विधायक की घेराबंदी होती देख एमआईसी सदस्य शिवेंद्र तिवारी ने मोर्चा संभाला और बचाव किया। आखिर में यह व्यवस्था दी गई कि प्रस्ताव एमआईसी को पुर्नविचार के लिए लौटा दिया जाए।
प्रमुख निर्णय और स्वीकृतियां
कार्तिक मेला- पारंपरिक कार्तिक मेले के संचालन के लिए केंद्रीय एवं विभिन्न समितियों के गठन का प्रस्ताव पारित किया गया।
मुआवजा वितरण- वी.डी. मार्केट, तेलीवाड़ा से छोटी पुलिया तक मार्ग चौड़ीकरण में प्रभावित भवनों का मुआवजा और हरिफाटक से महाकाल पार्किंग मार्ग चौड़ीकरण के लिए संशोधित मुआवजे के प्रस्तावों को स्वीकृति दी गई।
स्मार्ट शौचालय- सुलभ इंटरनेशनल की सीएसआर एक्टिविटी के माध्यम से 5 आधुनिक सार्वजनिक शौचालय कॉम्प्लेक्स के निर्माण की मंजूरी दी गई।
विज्ञापन शुल्क निर्धारण- मध्यप्रदेश आउटडोर विज्ञापन मीडिया नियम 2017 के तहत विज्ञापनों (आउटडोर मीडिया डिवाइस) के लिए अनुज्ञप्ति शुल्क की नई दरों को मंजूरी दी गई।









