वीर भारत संग्रहालय कोठी पैलेस पर बनाने की तैयारी

विक्रमोत्सव के तहत सरकार करेगी शिलान्यास
अक्षरविश्व न्यूज. उज्जैन शहर में इस बार आयोजित होने वाले विक्रमोत्सव के अंतर्गत कोठी पैलेस पर वीर भारत संग्रहालय स्थापित करने की तैयारी तेज हो गई है। सरकार इसका शिलान्यास करेगी। करीब 100 करोड़ रुपए की लागत से यह आकार लेगा।
इस न्यास के स्थापित होने से देश और दुनिया में उज्जैन की एक अलग पहचान बनेगी। प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के निर्देश पर यह कवायद तेज हो गई है। संस्कृति विभाग कोठी पैलेस की जानकारी लेकर इसे स्थापित करने की तैयारी कर रहा है। पहले यह न्यास भोपाल में स्थापित करने की योजना थी। यह दुनिया का पहला ऐसा संग्रहालय होगा जहां भारत के सभी महापुरुषों से जुड़ी मूर्तियों, शिल्प, चित्रकला और साहित्य का संग्रहालय होगा। इनमें भगवान श्रीराम, श्रीकृष्ण के जीवन चरित्र की झलक भी देखने को मिलेगी और भारत के वीरों की प्रदर्शनी और मूर्ति शिल्प भी दिखाई देगी।
कोठी पैलेस और उसके आसपास की जमीन को शामिल कर इस न्यास की स्थापना कर दुनिया का सबसे अलग संग्रहालय बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की पहल पर इस जमीन का चिन्हांकन कर लिया गया है। विक्रमादित्य शोधपीठ के निदेशक श्रीराम तिवारी के साथ प्रशासन के अधिकारी जमीन चयन करने की कवायद कर चुके हैं। आखिरकार कोठी पैलेस और उसके पीछे की जमीन का चयन इसके लिए किया गया है।
क्या है योजना
भारत को महान या वीर बनाने वालों के जीवन चरित्र लोगों को दिखाने के लिए दिल्ली के अक्षरधाम या आनंदपुर साहेब के विरासत-ए-खालसा संग्रहालय की तर्ज पर संग्रहालय बनाने का निर्णय लिया गया।
इसे नाम दिया गया वीर भारत योजना और प्रस्तावित संस्था को नाम दिया गया वीर भारत न्यास।
इसे संस्कृति विभाग की इकाई स्वराज संस्थान संचालनालय से सम्बद्ध कर दिया गया था।









