श्रीफल भेंट कर की मुनिश्री की अगवानी

उज्जैन। मुनि साध्यसागर महाराज का श्री अवंति पाश्र्वनाथ जैन मंदिर में आगमन और उद्बोधन हुआ। इस अवसर पर मुनिश्री की अगवानी श्रीफल भेंट कर की गई। तीर्थ क्षेत्र के न्यासी रजत मेहता के अनुसार 2300 वर्ष प्राचीन प्रतिमा व भव्य मंदिर देख मुनिश्री ने इस अवसर पर जैन प्राचीन मंदिरों और प्राचीन प्रतिमाओं का इतिहास और महत्व बताया और कहा कि जैनवत्व ही रक्षा करना प्रत्येक जैन धर्मावलम्बी का परम कर्तव्य है। प्राचीन तीर्थ रक्षा करना ही प्रत्येक जैन का धर्म है। मुनिश्री की अगवानी हेतु न्यासीगण व समाजजन उपस्थित रहे।
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