सिलेंडर संकट से बिगड़ेगा दावत का स्वाद

सबसे ज्यादा दिक्कत कैटरर्स को, आपूर्ति नहीं होने से कमिटमेंट पर खतरा, भोजन थाली के रेट बढऩे की आशंका
Thank you for reading this post, don't forget to subscribe!
अक्षरविश्व न्यूज|उज्जैन। ईरान-अमेरिका, इजराइल युद्ध की आग अब रसोई तक पहुंच गई है। घरेलु गैस सिलेंडर पर 25 दिन की वेटिंग होने के बावजूद लोग धड़ल्ले से बुकिंग कर रहे हैं। होटल-रेस्टोरेंट के लिए कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह बंद करने से इनके सामने भी ईंधन का संकट खड़ा हो गया है। सबसे ज्यादा परेशानी कैटरर्स को हैं। कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं मिलने से मार्च महीने में होने वाली उज्जैन की ७०० शादियों पर संकट खड़ा हो गया है। कैटरिंग कारोबार से जुड़े व्यवसायी चिंतित हैं, उनके सामने कमिटमेंट पूरा करने का संकट खड़ा हो गया है।
मध्य एशिया में जारी तनाव के कारण भारत में भी गैस की आपूर्ति बाधित हुई है। हाल यह है कि पहले उज्जैन में जो घरेलू गैस सिलेंडर बुकिंग के अगले ही दिन घर पहुंच जाता था, अब उसमें पांच से छह दिन लग रहे हैं। कमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई बंद होने से शहर के होटल और रेस्टोरेंट कारोबार पर संकट खड़ा हो गया है। हालांकि बड़े होटल अभी इससे बचे हुए हैं, क्योंकि उनके पास पीएनजी की सप्लाई है।
कीमत बढ़ाने के अलावा विकल्प नहीं
उज्जैन में मांगलिक कार्यक्रमों में भोजन व्यवस्था कैटरर्स को देने का चलन काफी बढ़ गया है। ब्रेकफास्ट, लंच से लेकर डिनर तक की व्यवस्था कैटरर्स ही संभालते हैं। ऐसे में कैटरर्स के सामने भोजन की थाली की कीमत बढ़ाने के अलावा कोई विकल्प नहीं रह गया है। झांझरी कहते हैं कि कमर्शियल सिलेंडर के दाम में हाल ही १५० रुपए का इजाफा हुआ था। अब तो सप्लाई ही बंद हो गई है। इसके रेट अलग-अलग होते हैं।
रेस्टोरेंट पर भी संकट
कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति बंद करने का असर रेस्टोरेंट पर भी पडऩे लगा है। रेस्टोरेंट व्यवसायी राकेश वनवट कहते हैं कि बड़े रेस्टोरेंट में सिलेंडर का 5-7 दिन का स्टॉक होता है। छोटे रेस्टोरेंट 2-3 दिन का रखते हैं। चाय-नाश्ते की दुकान पर कमर्शियल सिलेंडर का उपयोग होता है। उज्जैन शहर में छोटे-बड़े मिलाकर करीब ३००० रेस्टोरेंट, चाय-नाश्ते की दुकानें हैं। इन सब पर असर होगा।
अप्रैल से शादियों के ढेरों मुहूर्त, मेहमानों के भोजन पर सकंट
होलाष्टक खत्म होने के साथ ही शहर में शादियों का दौर शुरू हो गया है। तीन दिन में करीब २०० शादियां शहर में होनी हैं। फिर १४ मार्च से एक माह के लिए खरमास शुरू हो जाएगा। इस दौरान शुभ काम नहीं होंगे। हालांकि, इन तीन ३ दिनों में होने वाले विवाह समारोह के लिए होटल-गार्डन बुक हैं। कैटरर्स भी तय हो गए हैं, लेकिन अब कमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति नहीं होने से संकट खड़ा हो गया है। झांझरी कैटरर्स के संचालक प्रदीप झांझरी बताते हैं कि शहर में करीब २५ बड़े कैटरर्स काम करते हैं। सबके पास मार्च से लेकर मई तक की बुकिंग हैं। उज्जैन सहित मध्यप्रदेश में मांगलिक गार्डनों में पीएनजी सप्लाई नहीं है, ऐसे में कैटरर्स पूरी तरह कमर्शियल सिलेंडर पर निर्भर हैं। अब आपूर्ति बंद होने से भोजन बनाने की समस्या उत्पन्न हो गई है। झांझरी के मुताबिक गर्मी के मौसम में १००० लोगों की रसोई तैयार करने में ३० और सर्दी के मौसम में ४० सिलेंडर लगते हैं। एक कैटरर्स के साथ २५० लोगों की टीम रहती है।
पैनिक बुकिंग और आपूर्ति के नए कड़े नियम
युद्ध की खबरों के बीच घरेलू उपभोक्ताओं में घबराहट भी है और वह समय से पहले बुकिंग कर रहे हैं। महाकाल इंडेन के आलोक ऐरन बताते हैं कंपनियों ने नियम सख्त कर दिए हैं। अब बुकिंग के बाद अगली बुकिंग 25 दिन के अंतराल पर हो रही है। ऐसे लोग भी बुकिंग करा रहे हैं जो पहले दो से तीन महीने में बुकिंग करते थे। पैनिक बुकिंग से डिलीवरी में समय लग रहा है।
पेट्रोल-डीजल के दाम बढऩे की सुगबुगाहट के बीच आपूर्ति सामान्य
कुकिंग गैस की कीमत और आपूर्ति के संकट के बीच पेट्रोल-डीजल की कीमत बढऩे की सुगबुहाट भी शुरू हो गई है। हालांकि इस सबके बीच आपूर्ति अभी सामान्य बनी हुई है। पेट्रोल-डीजल व्यवसायी रवि लोहिया ने बताया कि शहर में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सामान्य है।









