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सूर्य को अर्घ्य देकर नववर्ष का स्वागत

रामघाट पर उमड़े शहरवासी, चैत्र नवरात्रि के शुभ आरंभ पर दैवीय मंदिरों में भीड़, महाराष्ट्रीयन परिवार में गुड़ी का पूजन

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उज्जैन। हिंदू नववर्ष विक्रम संवत् 2083 की शुरुआत गुरुवार को सूर्य को अर्घ्य देने के साथ हुई। बड़ी संख्या में रामघाट पहुंचे शहरवासियों ने शंख ध्वनि के बीच आस्था और उत्साह के साथ नूतन वर्ष का स्वागत किया। ऐसी मान्यता है कि ब्रह्माजी ने चैत्र शुक्ल प्रतिपदा से सृष्टि की रचना की शुरुआत की थी इसलिए हर साल इस तिथि पर हिंदू नववर्ष की शुरुआत मानी जाती है।

इसी के साथ शक्ति की भक्ति के पर्व चैत्र नवरात्रि की शुभ मुहूर्त में शुरुआत हुई। खास बात यह है कि इस बार नवरात्रि 9 दिनों की है। शुभ मुहूर्त में दैवीय मंदिरों में घटनास्थापना हुई, दर्शन के लिए मंदिरों में श्रद्धालुओं की जमकर भीड़ है। इधर, गुड़ीपड़वा पर्व भी मनाया गया। महाराष्ट्रीयन परिवारों में सुबह गुड़ी सजाकर उसका विधि-विधान से पूजन किया गया। पूरनपोली, श्रीखंड-पूरी सहित अन्य व्यंजन बनाए गए।

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फ्रीगंज स्थित भाजपा कार्यालय लोकशक्ति भवन में उज्जैन जिले के प्रभारी मंत्री गौतम टेटवाल, उज्जैन उत्तर के विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा और नगर निगम सभापति कलावती यादव ने गुड़ी का पूजन किया।

फव्वारा चौक से विक्रम नाम संवत् ध्वज यात्रा की शुरुआत हुई।

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निकास चौराहे पर नगर निगम सभापति ने कलावती यादव ने शहरवासियों को मंगल तिलक लगाकर नीम की पत्ती, गुड़, धनिया वितरित किया। इसी तरह चामुंडा माता चौराहे पर श्रद्धालुओं को तिलक लगाकर नीम और मिश्री वितरित की गई।

यह भी रहा खास

हरसिद्धि मंदिर में गर्भगृह में नवरात्रि के दौरान प्रवेश बंद रहेगा। ९ दिनों तक श्रद्धालुओं को फलाहारी खिचड़ी वितरित की जाएगी। प्रतिदिन दीपमालिकाएं जलाई जाएंगी।

चामुंडा माता मंदिर में घटस्थापना कर अखंड ज्योत जलाई। जनकल्याण की कामना से मंदिर में रोज हवन और दुर्गा सप्तशती का पाठ के साथ सुबह-शाम महाआरती की जाएगी।

गढक़ालिका मंदिर में प्रतिदिन दीपमालिकाएं जलेंगी। नवरात्रि के दौरान दोपहर 12 बजे आरती और शाम को 6.30 से 6.45 बजे के बीच आरती की जाएगी।

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