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हनी ट्रैप साजिश: घनश्याम पटेल की अग्रिम जमानत सेशन कोर्ट से खारिज

महामंडलेश्वर शांतिस्वरूपानंद जी की ओर से सीनियर एडवोकेट वीरेंद्र शर्मा ने रखी दलील

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। सेशन जज पीसी गुप्ता ने महामंडलेश्वर स्वामी शांति स्वरूपानंद जी को रेप केस में झूठा फंसाने के मामले के आरोपी पत्रकार घनश्याम पटेल की अग्रिम जमानत याचिका बुधवार को निरस्त कर दी। महामंडलेश्वर की तरफ से जमानत नहीं देने के लिए सीनियर हाई कोर्ट एडव्होकेट वीरेंद्र शर्मा ने मजबूती से पक्ष रखा। उनका पक्ष सरकारी अभिभाषक मुकेश जैन और डीपीओ उमेश तोमर ने भी दिया।

शर्मा ने न्यायालय के समक्ष चार तर्क रखें

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1- प्रकरण के आरोपी अभी तक फरार हैं।

2- विवेचना के लिए पुलिस को दस्तावेज और प्रमाणों की रिकवरी करनी है। इनमें मोबाइल जब्ती, कॉल रिकॉडिंग शामिल हैं।

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3- अपराध की प्रकृति गंभीर है।

4- यह अपराध सनातन और संत समाज की प्रतिष्ठा को धूमिल करने के मकसद से किया गया है।

उज्जैन में 2028 में सिंहस्थ मेला है। ऐसे कृत्य से सनातन संस्कृति, संत समाज और उज्जैन शहर की प्रतिष्ठा विश्व भर में धूमिल हो सकती है।

अभिभाषक वीरेंद्र शर्मा ने बताया कि आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड का ब्योरा भी पेश किया गया। अदालत को बताया गया कि जमानत मिलने पर फरारी और प्रकरण को प्रभावित करने की आशंका रहेगी। न्यायालय ने इन तर्कों से सहमत होकर जमानत निरस्त कर दी है। अग्रिम जमानत के लिए घनश्याम पटेल को अब हाई कोर्ट की सिंगल बेंच में जाना होगा। इधर मामले की दूसरी आरोपी मंदाकिनी पुरी फरार हो गई है। महाकाल पुलिस ने गढ़कालिका स्थित उसके ठिकाने पर दबिश दी लेकिन वह वहां नहीं मिली। उसके बनारस में होने की जानकारी मिली है।

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