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500 रु. के नोट पर छाप दिए 10 रुपए वाले नंबर

फरार अपराधी की तलाश में इंदौर में छापे

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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। क्राइम ब्रांच और चिमनगंज मंडी थाने के संयुक्त दल द्वारा गिरफ्तार किए गए नकली नोट छापकर चलाने वाले गिरोह के दो सदस्यों से पूछताछ में कई नए खुलासे हुए हंै। इन अपराधियों ने नोट तो पांच-पांच सौ रुपए के छापे थे, उन्हें असली दर्शाने के लिए 10 रुपए के असली नोट के नंबर चढ़ा दिए थे। पांच महीने में इस गिरोह ने लगभग 20 लाख रुपए के नकली नोट छापे जिनमें से करीब ढाई ला रुपए ये बाजार में खपा भी चुके हैं।

शुक्रवार को एसपी प्रदीप शर्मा ने पुलिस की इस सफलता के बारे में जानकारी साझा की। नकली नोट छापकर चलाने वाले गिरोह के सदस्य दिनेश चौहान निवासी हाटकेश्वर विहार और हिमांशु उर्फ चीनू गौसर निवासी गऊघाट रेलवे कॉलोनी को गिरफ्तार कर इनके पास से 17 लाख 50 हजार रुपए के नकली नोट जब्त किए गए हैं। इनका एक साथी राजेश बरवटे निवासी गंगाविहार कॉलोनी इंदौर फिलहाल पुलिस की गिरफ्त में नहीं आया है। राजेश को पकडऩे के लिए पुलिस के दल ने इंदौर में कई स्थानों पर छापेमारी की लेकिन सफलता नहीं मिली।

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सोनू करवाता था नोटो की डिलेवरी: नकली नोट चलाने वाले गिरोह के मामले में जांच के दौरान चौथे आरोपी सोनू निवासी हीरामिल की चाल का भी नाम स्पष्ट हो गया है। सबसे पहले अक्षरविश्व ने ही इस बात का खुलासा किया था कि तेल की हेराफेरी में पहले पकड़ा जा चुका सोनू ही इस गिरोह की मुख्य कड़ी है। पुलिस की जांच में भी यह साफ हो चुका है कि सोनू ही नकली नोटों को बाजार में खपाने का काम करता था।

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