1500 पुलिसकर्मियों के कंधों पर 10 लाख श्रद्धालुओं की सुरक्षा की कमान

महाशिवरात्रि की महातैयारियां नवागत एडीजी ने डीआईजी और एसपी के साथ ली मीटिंग, 40 मिनट में दर्शन करवाने का लक्ष्य
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अक्षरविश्व न्यूज उज्जैन। महाशिवरात्रि पर्व के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं की तैयारियां शुरू कर दी हैं। इस महापर्व पर 15 और 16 फरवरी को भगवान महाकाल के दर्शन के लिए देशभर से 10 लाख श्रद्धालुओं के आने का अनुमान है। इसी के चलते पुलिस कंट्रोल रूम में सोमवार को नवागत एडीजी राकेश गुप्ता ने डीआईजी नवनीत भसीन और एसपी प्रदीप शर्मा के साथ मीटिंग ली। इस दौरान सुरक्षा, क्राउड मैनेजमेंट, ट्रैफिक, वीआईपी की आवाजाही सहित अन्य व्यवस्थाओं को लेकर चर्चा की गई।
इसमें श्रद्धालुओं को 40 मिनट में दर्शन करवाने का लक्ष्य तय किया गया। इस दौरान श्री महाकाल मंदिर परिसर और शहर के प्रमुख मार्गों पर लगभग 1500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। इसमें से 250 पुलिसकर्मी विशेष रूप से वीआईपी व्यवस्था संभालेंगे। महिला श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए करीब 150 महिला सुरक्षाकर्मी भी तैनात की जाएंगी। इसके अलावा 200 से अधिक सीसीटीवी कैमरे, 5 ड्रोन कैमरे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आधारित निगरानी प्रणाली से भीड़ के साथ चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जाएगी।
हर 300 मीटर पर हेल्थ पॉइंट
प्रशासन का लक्ष्य है श्रद्धालुओं को 40 मिनट के अंदर बाबा महाकाल के दर्शन करवाए जा सकें। इसके लिए विशेष मार्ग प्रणाली लागू की जाएगी जिससे अव्यवस्था न हो और श्रद्धालुओं की आवाजाही सुचारू बनी रहे। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए हर 300 मीटर पर मेडिकल हेल्थ पॉइंट और पानी की व्यवस्था की जाएगी। वरिष्ठ नागरिकों और दिव्यांग श्रद्धालुओं के लिए भी विशेष सहायता उपलब्ध रहेगी। शहर के विभिन्न स्थानों पर अलग-अलग पार्किंग स्थल बनाए जाएंगे और मार्गों पर व्यापक बैरिकेडिंग की जाएगी ताकि ट्रैफिक नियंत्रित किया जा सके।
4 फरवरी को कलेक्टर ने ली थी बैठक, यह व्यवस्थाएं की थीं
महाशिवरात्रि पर भगवान महाकाल के दर्शन के लिए उमडऩे वाली भीड़ को देखते हुए पिछले दिनों कलेक्टर रौशन कुमार सिंह की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें लिए निर्णयों के तहत सामान्य श्रद्धालुओं को करीब डेढ़ किमी और 250 रुपए की शीघ्र दर्शन रसीद या पासधारी श्रद्धालुओं को करीब एक किमी पैदल चलने के बाद भगवान महाकाल के दर्शन होंगे। श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए बसें भी चलाई जाएंगी।
सामान्य श्रद्धालुओं की एंट्री और एग्जिट व्यवस्था
सामान्य श्रद्धालु के लिए भील समाज धर्मशाला के समीप से द्वार निर्धारित किया है। यहां से एंट्री कर श्रद्धालु चारधाम मंदिर पार्किंग, शक्तिपथ, त्रिवेणी संग्रहालय के समीप से नंदी द्वार से श्री महाकाल महालोक, मानसरोवर भवन, फैसेलिटी सेंटर 1, टनल, नवीन टनल 1 से होकर गणेश मंडपम् से भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर आकर गणेश मंदिर, हरसिद्धि मंदिर चौराहा होते हुए रवाना होंगे।
शीघ्र दर्शन व पासधारी श्रद्धालुओं की एंट्री
शीघ्र दर्शन टिकट वाले श्रद्धालुओं के लिए भील समाज धर्मशाला के पास से अलग से बैरिकेडिंग की गई है। यहां से प्रवेश कर चारधाम मंदिर पार्किंग, अशोक सेतु, मानसरोवर भवन, फैसेलिटी सेंटर 1, टनल, नवीन टनल 1 से होकर गणेश मंडपम् से बाबा महाकाल के दर्शन करेंगे। इसके बाद आपातकालीन निर्गम द्वार से बाहर निकलकर बड़ा गणेश मंदिर, हरसिद्धि मंदिर चौराहा होते हुए रवाना होंगे। पासधारी श्रद्धाल हरसिद्धि पाल पार्किंग जिगजेग में होते हुए बड़ा गणेश के समीप वाली गली, प्रीपेड बूथ तिराहा, शहनाई जिगजेग द्वार नंबर 1 से मंदिर में प्रवेश कर फैसेलिटी सेंटर 1, टनल, नवीन टनल 1 से होकर गणेश मंडपम् से दर्शन करेंगे। दर्शन के बाद इमरजेंसी एग्जिट द्वार से बाहर आकर बड़ा गणेश मंदिर, हरसिद्धि मंदिर चौराहा होते हुए रवाना होंगे।
भस्मार्ती दर्शन व्यवस्था
महाशिवरात्रि पर्व पर भस्मार्ती के लिए पंजीकृत श्रद्धालुओं का प्रवेश मानसरोवर भवन और द्वार क्रमांक-1 से निर्धारित किया गया है।
यहां रहेगी पार्किंग
पार्किंग- सामान्य श्रद्धालु के लिएु कर्कराज और मेघदूत पार्किंग निर्धारित की गई है। शीघ्र दर्शन टिकटधारी श्रद्धालुओं के लिए कार्तिक मेला ग्राउंड, राणौजी की छत्री, शगुन गार्डन, महाकाल मंडपम् पर व्यवस्था की गई।
यहां मिलेगी चिकित्सा सुविधा
श्री महाकालेश्वर मंदिर के प्राथमिक चिकित्सा केंद्र में पर्याप्त चिकित्सा व्यवस्था, पैरामेडिकल स्टाफ, औषधि एवं आपातकालीन तैयारियां रखे जाने के लिए चिकित्सा विभाग द्वारा त्रिवेणी इंटरप्रिटेशन सेंटर, कर्कराज और चारधाम मंदिर पार्किंग स्थल सहित हरसिद्धि मंदिर चौराहा, बड़ा गणेश मंदिर के पास, मानसरोवर भवन, महाकाल प्लाजा, फैसेलिटी सेंटर, भस्मार्ती द्वार गेट नंबर 4, नीलकंठ द्वार, निर्गम द्वार, शिखर दर्शन स्थल एवं जरूरत के अनुसार अन्य स्थानों पर अस्थायी चिकित्सा केंद्र रहेंगे जिसमें चिकित्सक अपनी टीम के साथ मौजूद रहेंगे। इसके अलावा एम्बुलेंस व्यवस्था, जिला अस्पताल में पर्याप्त आपातकालीन व्यवस्थाएं एवं पर्याप्त बेड की व्यवस्था की जाएगी।










