17,450 भक्तों ने किए सांध्य-शयन आरती दर्शन, इनमें से 15410 नि:शुल्क

संध्या और शयन आरती में सुगम दर्शन व्यवस्था से बाहरी दर्शनार्थी खुश
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उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर में शनिवार को संध्या और शयन आरती में 17 हजार 450 दर्शनार्थियों ने नई व्यवस्था के तहत दर्शन किए। इसमें 2040 सशुल्क और 15410 नि:शुल्क दर्शनार्थी थे।
मंदिर प्रशासन की चाक-चौबंद व्यवस्थाओं के चलते हजारों श्रद्धालुओं ने सुगमता से भगवान महाकाल के दर्शन किए। दर्शन प्रवाह निरंतर बना रहा और कहीं भी अव्यवस्था की स्थिति निर्मित नहीं हुई, इससे बाहर से आए दर्शनार्थी खुश नजर आए। शनिवार शाम आयोजित संध्या आरती में 7,857 भक्तों ने अपनी उपस्थिति दर्ज करवाई जिसमें 753 सशुल्क पंजीकृत और 7,104 निशुल्क दर्शनार्थी शामिल थे।
शयन आरती में आस्था का सैलाब और भी अधिक नजर आया, जहां 9,593 श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल का आशीर्वाद लिया। इनमें 1,287 सशुल्क पंजीकृत श्रद्धालु और 8,306 नि:शुल्क दर्शनार्थी शामिल रहे। इस प्रकार दोनों आरती में सशुल्क २०४० और नि:शुल्क १५४१० दर्शनार्थी थे। बाहर से आने वाले दर्शनार्थी पहले से दर्शन बुकिंग मिलने की व्यवस्था से खुश नजर आए। मंदिर परिसर में सुरक्षा एवं व्यवस्थाओं के समुचित प्रबंध सुनिश्चित किए गए थे ताकि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो।










