18 दिन भागदौड़ करना है उम्मीदवारों को

विधानसभा चुनाव में वोट जुटाने की मशक्कत
अक्षरविश्व न्यूज . उज्जैन विधानसभा चुनाव के लिए प्रचार करने के लिए प्रत्याशियों के पास महज 18 दिन शेष हैं। अभी तक इक्का-दुक्का नेता ही जनसंपर्क करते और दशहरा मिलन समारोह में नजर आए। चुनाव आयोग की सख्ती होने से प्रत्याशी वाहनों और बैनर, पोस्टर, झंडों के माध्यम से भी ज्यादा प्रचार नहीं कर रहे हैं। ऐसे में प्रत्याशियों के पास एक ही विकल्प है कि वे पैदल व वाहनों से ज्यादा से ज्यादा इलाकों तक पहुंचकर जनता से संपर्क कर वोट मांगें। यही वजह है कि सभी प्रमुख प्रत्याशी अब मैदान में उतरने की तैयारी में जुटे हैं।
वर्तमान में दिन में तेज धूप निकलने से प्रत्याशियों के लिए अलग-अलग इलाकों में लगातार घूमना थोड़ा मुश्किल है। इस वजह से प्रत्याशी सुबह व शाम के समय ही प्रचार पर निकलने की तैयारी में हैं। सुबह नौ से दोपहर एक बजे और उसके बाद शाम चार से आठ बजे तक जनसंपर्क की योजना बनाई जा रही है।
पिछले चुनाव में जहां ज्यादा वोट मिले, उन स्थानों पर फोकस
विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी नगर निगम के वार्ड व बूथ लेवल की सूची लेकर बैठे हैं। पिछले चुनाव में जिन वार्ड व बूथ पर जिस पार्टी के प्रत्याशी को ज्यादा वोट मिले, ऐसे इलाकों को चिह्नित किया जा रहा है। इसके अलावा जातिगत व सामाजिक समीकरणों को भी ध्यान रखकर जनसंपर्क की नीति बनाई जा रही है। प्रत्याशियों के चुनाव कार्यालयों पर भी अब हलचल दिखाई देने लगी है।
जहां ज्यादा समस्याएं वहां विरोधी पहुंचने की तैयारी में
विधायक या पार्टी द्वारा विकास के मामले में जिन इलाकों की अनदेखी की गई है, वहां प्रचार-प्रसार के लिए जाने पर विरोधी दल विशेष फोकस करने की तैयारी में हैं। इसमें अधूरी व कच्ची सड़कें, पेयजल समस्या के अलावा लोगों से जुड़े मुद्दों को ध्यान में रखकर वोट मांगने की तैयारी है।









